साय कैबिनेट के बड़े फैसले, रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रु प्रति बोरा


रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के प्रशासन, किसानों, वनवासी परिवारों और उद्योग जगत से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी।
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
कैबिनेट ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वर्ष 2026 के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी हेतु राज्य गारंटी पर ऋण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कोदो, कुटकी और रागी की खरीदी व प्रसंस्करण के लिए लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।


गैर-राष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। वहीं, 55.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर 5 राष्ट्रीय निगमों का कर्ज समाप्त किया गया, जिससे राज्य को हर साल करीब 2.40 करोड़ रुपये की ब्याज बचत होगी।


कैबिनेट ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया है, जिसकी पात्रता अवधि दो माह तय की गई है।
उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति 2024–30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही ऑटो सेक्टर को प्रोत्साहन देते हुए ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट देने का निर्णय लिया गया है।


इसके अलावा राइस मिलर्स को बड़ी राहत देते हुए बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क को 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है।


कुल मिलाकर, साय कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, वनवासी और किसान परिवारों को राहत देने तथा उद्योग व रोजगार को नई गति देने वाले माने जा रहे हैं।

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