‘इया आपलो सामान निया’ कार्यक्रम में दंतेवाड़ा पुलिस की पहल,14 लाख रुपये के 70 गुम मोबाइल लौटाए, नागरिकों के चेहरों पर आई मुस्कान

वर्ष के अंतिम दिन दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत देते हुए ‘इया आपलो सामान निया’ कार्यक्रम के तहत गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। इस पहल के अंतर्गत लगभग 14 लाख रुपये मूल्य के 70 मोबाइल फोन नागरिकों को लौटाए गए, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

ये सभी मोबाइल फोन मध्यप्रदेश, ओडिशा, तथा पड़ोसी जिलों जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव से बरामद किए गए थे। गुम मोबाइलों की तलाश दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान

यह अभियान पुलिस अधीक्षक गौरव राय (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार वर्मन (रापुसे) एवं सायबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 70 मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए, जिनकी अनुमानित कुल कीमत करीब 14,00,000 रुपये आंकी गई है।

गुम मोबाइल या साइबर अपराध की ऐसे करें शिकायत

दंतेवाड़ा पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए सायबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा संचालित 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

24×7 व्हाट्सएप हेल्पलाइन की सुविधा

पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि ‘सायबर हेल्पलाइन दंतेवाड़ा’ नाम से एक व्हाट्सएप अकाउंट भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साइबर अपराध की स्थिति में 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर शिकायत सीधे साइबर पोर्टल में दर्ज कराई जाएगी और प्रार्थी को व्हाट्सएप के माध्यम से एक्नॉलेजमेंट नंबर भी प्रदान किया जाएगा।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

सायबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने ‘सायबर संगवारी दंतेवाड़ा’ नामक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जहां रोजाना साइबर अपराध और उसके बचाव से जुड़ी जानकारियां साझा की जाएंगी।
अनजान कॉल, संदिग्ध व्हाट्सएप मैसेज, लिंक या बैंक व सोशल मीडिया खातों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की गई है।

पुलिस का संदेश साफ है—सुरक्षा ही सावधानी है और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका।

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