ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में अवैध माइनिंग और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए खनिज परिवहन के खिलाफ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को फॉरवर्ड कर दिया है।

सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने याचिका में तर्क दिया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि आधारित वाहन होते हुए भी उनका कमर्शियल उपयोग अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन के लिए किया जा रहा है। याचिका में प्रमुख सचिव खनिज, परिवहन आयुक्त, ग्वालियर-चंबल संभाग के कलेक्टर्स और SP को पार्टी बनाया गया।
याचिका में हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि दो हफ्ते पहले अवैध रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉली से फॉर्च्यूनर कार की टक्कर हुई, जिसमें कार सवार पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी दलीलों को सुनने के बाद कार्रवाई NGT को सौंपने का निर्णय लिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि NGT इस मामले में सख्त कदम उठाकर अवैध माइनिंग और ट्रैक्टर-ट्रॉली परिवहन पर रोक लगाएगा।
यह कदम ग्वालियर-चंबल अंचल में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन और परिवहन पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रस्थान माना जा रहा है।