जगदलपुर। बस्तर में बढ़ते सरेंडर और सुरक्षा बलों के दबाव के चलते नक्सली संगठन में गंभीर फूट पड़ने लगी है। संगठन की उत्तर तालमेल कमेटी ने हाल ही में बुकलेट जारी कर भूपति और रूपेश सहित हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नेताओं को गद्दार घोषित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार है जब नक्सल संगठन ने अपने ही वरिष्ठ कैडर पर खुलकर हमला किया है। हिड़मा की मौत के बाद दक्षिण बस्तर डिवीजन सबसे कमजोर स्थिति में है और लगातार सरेंडर होने से संगठन का ढांचा चरमरा रहा है।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह स्थिति संकेत देती है कि नक्सलियों की सत्ता और भय का ढांचा बस्तर क्षेत्र में टूटने लगा है। लगातार आत्मसमर्पण और आंतरिक असहमति से संगठन की प्रभावशाली उपस्थिति कमजोर हुई है।