:रमेश गुप्ता:
भिलाई। थाना सुपेला पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम
पर रकम दोगुना करने का झांसा देकर 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी
करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से
ठगी की रकम से खरीदी गई करीब 12–13 लाख की कार भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी डॉली नामदेव और निशा मानिकपुरी इसी मामले में पहले से ही जेल में निरुद्ध हैं।
भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी एवं सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव ने मामले का खुलासा किया करते हुए बताया कि प्रार्थी अविनाश कुमार ने 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात चंदर राव, सूर्याकांत निर्मलकर उर्फ विवान सिंघानिया, और देवेंद्र कुमार सहारे से हुई।

इन लोगों ने स्वयं को निशा बिजनेस कंसलटेंसी एवं यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से प्रतिमाह 10–15% मुनाफा देने का लालच दिया।
उन्होंने प्रार्थी, उसकी बहन सोनम वर्मा, रिश्तेदार तुलाराम व संदीप चंद्राकर और मित्र अक्षत पाठक को कंपनी कार्यालय टी-सूर्यामॉल में बुलाकर मुख्य आरोपी स्नेहांशु, उसकी पत्नी डॉली और निशा मानिकपुरी से मिलवाया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से 06 जून 2025 से 04 अगस्त 2025 के बीच कुल 35 लाख रुपए निवेश करवाए गए।
न निवेशित राशि वापस की गई, न मुनाफा दिया गया—इस प्रकार बड़ी धोखाधड़ी सामने आई।
धारा 318(2), 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज
पहली ही जांच में अपराध की पुष्टि होने पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 1372/2025 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर
चंदर राव की KIA कार, जिसे धोखाधड़ी की रकम से खरीदा गया था, पुलिस ने जब्त कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी—
1. चंदर राव, 25 वर्ष, सेक्टर-1 भिलाई
2. देवेंद्र कुमार सहारे, 30 वर्ष, सेक्टर-1 भिलाई
3. विवान सिंघानिया उर्फ सूर्याकांत निर्मलकर, 28 वर्ष, सेक्टर-1 भिलाई
इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
मुख्य आरोपी पहले से जेल में
उल्लेखनीय है कि इस मामले के मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, डॉली नामदेव और निशा मानिकपुरी सुपेला थाना के एक अन्य प्रकरण (अपराध क्रमांक 1137/2025) में 75.05 लाख की धोखाधड़ी के मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं।
कार्रवाई में रही पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में
निरीक्षक विजय कुमार यादव,
उनि दीपक चौहान,
उनि चितराम ठाकुर,
सउनि संतोष मिश्रा,
सउनि गंगाराम यादव,
प्र.आर. अमर सिंह,
योगेश चंद्राकर,
आर. सूर्यप्रताप सिंह,
अजीत यादव और प्रदीप सिंह
का सराहनीय योगदान रहा।