दिपेश रोहिला-
पत्थलगांव। बांग्लादेश में हिंदुओं एवं अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार और अन्याय को लेकर पत्थलगांव सर्व समाज ने आज मंगलवार को इंदिरा गांधी चौक में उपस्थित होकर बांग्लादेश सरकार का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान समाज के सैंकड़ों लोगों ने इंदिरा चौक से होते हुए शहर के तीनों मुख्य मार्गों में मार्च निकाला। जिसके पश्चात लोगों ने पत्थलगांव तहसीलदार प्रांजल मिश्रा को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञात हो कि एक दिन पूर्व सर्व समाज ने बैठक आयोजित करते हुए निर्णय लिया कि बांग्लादेश में जिस प्रकार कट्टरपंथियों द्वारा मानवता को शर्मसार करते हुए कत्लेआम किया जा रहा है वह अत्यंत ही निंदनीय है।
उक्त शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अनिल मित्तल ने कहा कि बीते कई दिनों से बांग्लादेश में रह रहे हिन्दूओं का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। हिन्दू संतों से आतंकवादियों की तरह व्यवहार करते हुए गिरफ्तार करके उन्हें जेल में डाला जा रहा है और पूजा स्थल, मंदिर आदि पर कट्टरपंथी निरंतर हमले कर रहे हैं। निर्ममता की सारी हदें वहां के कट्टरपंथियों ने पार कर दी है। हिंदू एवं अल्पसंख्यक समुदाय बांग्लादेश में बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। उनके घरों में तोड़फोड़, आगजनी के साथ ही परिजनों पर हमले व मातृशक्ति के साथ दुराचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इस प्रकार की घटनाओं को बांग्लादेश में रोकने के लिए भारत सरकार से देश की जनता मांग कर रही है कि अंतराष्ट्रीय दबाव बनाते हुए वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वहीं अवधेश गुप्ता ने कहा कि आज हिन्दू समुदाय अपने देश में ही बहुसंख्यक होने के बावजूद खुद को असहज महसूस कर रहा है जिसका कारण हम स्वयं है। बांग्लादेश में हो रहे अत्याचार पर अधिकांश लोग मौन धारण करके जिस प्रकार बैठे हुए है उन्हें सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार बर्बरता पर आवाज उठानी चाहिए। ताकि आने वाली नस्ल यह कर सके कि हमारे पूर्वज कुछ छोड़े या नहीं छोड़े हमारे लिए मगर हमारे सुखद जीवन जीने के लिए एक अच्छा देश छोड़कर गए। 1947 में जिस प्रकार पाकिस्तान में हिंदुओं का नरसंहार हुआ वह अत्यंत ही भयावह था। वहीं आज बांग्लादेश में हो रहे अत्याचार और नरसंहार कोई पहली बार नहीं हो रहा 1971 में भी लाखों हिन्दुओं और अल्पसंख्यकों के साथ कट्टरपंथियों ने बर्बरता की थी। फिर अब 2024 में वहीं हाल बने हुए हैं वहां चुनचुनकर लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है और माताएं बहनें असुरक्षित है। इसके विरोध में आज पत्थलगांव सर्व समाज द्वारा बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध किया जा रहा है और भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर अंतराष्ट्रीय दबाव बनाते हुए वहां के अल्पसंख्यकों के रक्षा की मांग की जा रही है।
वहीं संघ चालक मुरारी लाल अग्रवाल ने कहा कि आज बांग्लादेश में जो हालात बने हुए हैं वह अत्यंत ही भयावह है लोगों के घरों को जलाकर उनके परिजनों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। इतना ही नहीं पाकिस्तान में भी रह रहे हिंदू और अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है समय-समय पर उन्हें दर्दनाक मौत के घाट उतार दिया जाता है। आज भारत में भी हिंदू सोया हुआ है इस कारण से कट्टरपंथियों का हौसला बढ़ रहा है। कट्टरपंथी और आतंकवादी स्वरूप पूरे विश्व के सामने आज निकलकर सामने आ रहा है,बहादुरी से ना ही हिंदू समाज विमुक्त है और ना ही इतिहास विमुक्त है, भौतिकवादी संसाधनों से युक्त होकर हमने अपनी स्वाभाविकता का परित्याग कर दिया है। जो की आने वाली पीढ़ी के लिए अत्यंत घातक है बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार और बर्बरता को लेकर भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाते हुए बांग्लादेश सरकार को सचेत कर सके की हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करना बंद हो और वे वहां सुरक्षित रह सके।