छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर तामिया का एक छोटा सा गांव इन दिनों सैलानियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं साबित हो रहा है। जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पर्यटन ग्राम चारों तरफ से हरी-भरी पहाड़ियों और कुदरती वादियों से घिरा हुआ है, जहां मानसून के दौरान प्रकृति का बेहद अद्भुत रूप देखने को मिलता है।
झरनों की कल-कल और बादलों से घिरे पहाड़
मानसून के दिनों में इस इलाके की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। झरनों की कल-कल बहती आवाज, बादलों से ढके हुए पहाड़ और चारों तरफ फैली हरियाली आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेती है। यह गांव मंधान डैम के शांत बैकवाटर के समीप बसा हुआ है, जहां का शांत जल और नौकाविहार का रोमांच सैलानियों को एक अलग ही सुकून देता है। यहाँ सुबह का सूर्योदय और शाम का सूर्यास्त देखने लायक होता है।
ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक होमस्टे का अनूठा संगम
इस क्षेत्र की पृष्ठभूमि केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनी समृद्ध ग्रामीण संस्कृति के लिए भी जानी जाती है। पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक जीवन का अनुभव कराने के लिए यहाँ बेहतरीन होमस्टे विकसित किए गए हैं। इन होमस्टे की बालकनी से पहाड़ों और लहलहाते खेतों के सीधे नजारे दिखाई देते हैं। इसके अलावा यहाँ स्वास्थ्यवर्धक पारंपरिक मोटे अनाजों की जैविक खेती भी की जाती है।
पारंपरिक अनुभव और बैलगाड़ी की सवारी
प्रदूषण भरी शहरी जिंदगी से दूर पर्यटकों को शुद्ध हवा और ग्रामीण परिवेश से जोड़ने के लिए यहाँ खास इंतजाम किए गए हैं। पारंपरिक लोकनृत्य, हाथ की चक्की से अनाज पीसने का अनुभव और बैलगाड़ी की सवारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। साथ ही यह जगह पातालकोट, तामिया हिल स्टेशन और छोटा महादेव के बेहद करीब स्थित है, जिससे सैलानी एक ही ट्रिप में कई जगहों का मजा ले सकते हैं।