भारत के इस अनोखे गांव का सच, क्यों यहां रहते हैं 80 करोड़पति

नई दिल्ली। भारत में एक ऐसा गांव है जिसकी कहानी सुनकर कोई भी हैरान रह सकता है। जहां देश के कई इलाकों में लोग कंगाली और बदहाली से जूझ रहे हैं, वहीं इस गांव की तस्वीर पूरी तरह अलग है। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बसे इस गांव का नाम हिवरे बाजार है। इस गांव में रहने वाले लोग खेती करके करोड़पति बने हैं।

80 परिवार करोड़पति और बाकी लखपति

हिवरे बाजार में लगभग 305 परिवार रहते हैं। इनमें से 80 से ज्यादा परिवार पूरी तरह करोड़पति हैं। वहीं 50 से अधिक परिवारों की सालाना कमाई 10 लाख रुपये से ऊपर है। इस गांव के लोगों की कमाई का मुख्य जरिया सिर्फ खेती और पशुपालन है। इस गांव में साफ-सफाई का इतना ध्यान रखा जाता है कि मच्छर पकड़कर लाने वाले को 400 रुपये का इनाम दिया जाता है।

सूखे और बदहाली का दौर

हमेशा से इस गांव की हालत ऐसी नहीं थी। वर्ष 1980 से 1990 के बीच यह इलाका भयंकर सूखे का सामना कर रहा था। पीने के पानी की भारी कमी थी। काम न मिलने की वजह से लोग गांव छोड़कर शहर भाग रहे थे। भुखमरी जैसे हालात के बीच गांव के लोगों ने मिलकर अपनी किस्मत बदलने का फैसला किया।

पानी बचाकर बदली गांव की किस्मत

वर्ष 1990 में गांव के लोगों ने मिलकर एक समिति बनाई। इसके तहत पेड़ लगाने और कुएं खोदने का काम तेजी से शुरू हुआ। अधिक पानी लेने वाली फसलों को उगाने पर रोक लगा दी गई। गांव के सरपंच पोपटराव पवार की अगुवाई में जल संरक्षण का काम पूरा किया गया। पानी रुकने से जमीन का जल स्तर बढ़ गया और फसलें लहलहाने लगीं।

सबके लिए प्रेरणा बना यह गांव

हिवरे बाजार मॉडल आज पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल बन चुका है। सही सोच और मेहनत से गांव के लोगों ने पलायन को पूरी तरह रोक दिया। आज देश भर से लोग इस गांव के जल प्रबंधन और तरक्की को देखने आते हैं। आगे भी इस गांव की नई योजनाओं पर देश की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *