भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्रियों की सूची में एक और नया और ऐतिहासिक नाम जुड़ गया है। नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन अपने दो रूसी साथियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह उनके अंतरिक्ष यान ने स्टेशन पर अपनी सुरक्षित डॉकिंग पूरी कर ली है। अनिल मेनन के साथ इस बेहद महत्वपूर्ण मिशन पर रूस के दो अनुभवी कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकीना भी शामिल हैं। इन तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए केवल साढ़े तीन घंटे की बेहद कम अवधि में यह सफर पूरा किया है।
इस ऐतिहासिक मिशन की शुरुआत कजाखस्तान के प्रसिद्ध बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से हुई थी। वहां से मंगलवार रात को भारतीय समयानुसार 8 बजकर 17 मिनट पर इस अभियान का सफल प्रक्षेपण किया गया था। इस नए मिशन के सफल होने से अब international space station mission के तहत भविष्य के वैज्ञानिक प्रयोगों को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि इस समय पूरी दुनिया के अंतरिक्ष विज्ञानियों की नजरें इस अभियान के अगले चरणों पर टिकी हुई हैं।
जानिए कजाखस्तान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक का पूरा सफर
अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी की कक्षा को पार करते हुए बहुत ही सटीक तरीके से अपनी दूरी तय की। हालांकि अंतरिक्ष के सफर में तकनीकी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं। इसके बावजूद यान ने तय समय पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के साथ जुड़ाव की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। स्टेशन के भीतर पहले से मौजूद वैज्ञानिकों ने नए दल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है। यह नया दल अब वहां रहकर मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभावों से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक अध्ययन पूरे करेगा।