जेल में जन्म और धर्म का विवाद, नासिक मामले में क्या है सच?

नासिक. एक चर्चित मामले में गर्भवती आरोपी निदा खान को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निदा खान को जमानत देते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जेल में बच्चे को जन्म देना किसी भी महिला के लिए बहुत असहनीय और कठिन स्थिति होती है। इस दौरान जज ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जन्म की परिस्थितियों से की।

गंभीर आरोपों के बावजूद मिली राहत

अदालत ने भले ही निदा खान को जमानत दी है, लेकिन अपने आदेश में जांच के पहलुओं को भी स्पष्ट रखा है। अदालत का कहना है कि पूरी जांच से यह संकेत मिलता है कि खान ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर पीड़िता को प्रभावित करने का काम किया। आरोप है कि पीड़िता के वैचारिक विचारों को बदलने और धर्म परिवर्तन के लिए उसे बरगलाने की कोशिश की गई।

क्या हैं अदालत के आदेश में मुख्य बातें

मामले की जांच का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को यह समझाने की कोशिश की कि हिंदू धर्म की कहानियों में आपत्तिजनक बातें हैं। निदा खान को करीब 2 महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने यह जमानत 6 जुलाई को दी थी, लेकिन इसका विस्तृत आदेश गुरुवार को जारी किया गया है। जज ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकी में आरोपी की भूमिका का जिक्र है, लेकिन गर्भावस्था को देखते हुए उसे जमानत दी गई है।

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