इंजीनियरिंग सेक्टर की जानी-मानी कंपनी डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स लिमिटेड ने बिजनेस विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी की फंड जुटाने वाली कमेटी ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया। कंपनी ने 300 करोड़ रुपये से अधिक के नए शेयर जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह शेयर चुनिंदा निवेशकों को तरजीही आधार पर दिए गए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंपनी को अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कैसे और किस भाव पर जुटाए गए 300 करोड़ रुपये?
कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले कुल 59,76,096 पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं। इन शेयरों को 502 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर जारी किया गया है। इस कीमत में 492 रुपये का प्रीमियम भी शामिल है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कंपनी ने कुल 300,00,00,192 रुपये का बड़ा फंड जुटाया है। यह आवंटन प्राइवेट प्लेसमेंट के नियम के तहत किया गया है, जिससे कंपनी को सीधे बड़े निवेशकों से पूंजी मिली है।
कंपनी की चुकता पूंजी पर क्या होगा असर?
इस नए आवंटन के बाद कंपनी की वित्तीय संरचना में बड़ा बदलाव आया है। कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी की चुकता पूंजी पहले 69,26,33,420 रुपये थी, जो अब बढ़कर 75,23,94,380 रुपये हो गई है। कंपनी के प्रबंधन ने साफ किया है कि ये नए शेयर बाजार में पहले से मौजूद इक्विटी शेयरों के बिल्कुल समान माने जाएंगे और नए निवेशकों को भी वही अधिकार मिलेंगे जो पुराने शेयरधारकों के पास हैं। पूंजी बढ़ने से कंपनी की बाजार में साख और मजबूत होगी।
इन बड़े दिग्गज निवेशकों ने जताया भरोसा
इस निवेश प्रक्रिया में कुल 24 बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया है। इसमें देश-विदेश के कई बड़े संस्थागत निवेशक और प्रसिद्ध फंड हाउस शामिल हैं। शेयर पाने वाले प्रमुख नामों में कोटक महिंद्रा ट्रस्टी, व्हाइटओक कैपिटल इक्विटी फंड, अशोका व्हाइटओक इमर्जिंग मार्केट्स, वैल्यूक्वेस्ट इंडिया और 360 वन पाइप फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इतने बड़े फंड हाउसेज का कंपनी में पैसा लगाना यह दर्शाता है कि बाजार के दिग्गजों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और इसके भविष्य पर पूरा भरोसा है।
मुकेश अंबानी की रिलायंस से है खास कनेक्शन
वर्ष 1988 में शुरू हुई यह कंपनी मुख्य रूप से जटिल पाइपिंग सिस्टम, प्रेशर वेसल और हीट एक्सचेंजर की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और निर्माण का काम करती है। देश की कई बड़ी औद्योगिक कंपनियां इसकी स्थाई क्लाइंट्स हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का है। यह कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के विभिन्न इंडस्ट्रियल प्लांट्स के लिए खास इंजीनियरिंग प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशन और पाइपिंग असेंबली तैयार करके देती है। रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी के साथ लंबे समय से जुड़े होने के कारण इस कंपनी को लगातार बड़े ऑर्डर मिलते रहते हैं।
6 महीने में निवेशकों को किया मालामाल
अगर इस कंपनी के शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसने बीते कुछ समय में शेयर बाजार में तहलका मचा रखा है। पिछले 6 महीनों के भीतर ही इसका शेयर 186 रुपये के स्तर से छलांग लगाकर 688 रुपये पर पहुंच गया है। बीते 3 जुलाई को इस शेयर ने 704 रुपये का अपना नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। इस तरह इस मल्टीबैगर शेयर ने अपने निवेशकों की पूंजी को महज आधा साल में करीब-करीब 4 गुना कर दिया है। नए फंड के आने के बाद कंपनी के कामकाज में और तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में इसके शेयरों की चाल पर भी दिख सकता है।