चिंतन शिविर : साय कैबिनेट के मंथन में निकली सुशासन की संजीवनी

Chintan Shivir Chhattisgarh : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार को अधिक प्रभावी, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में दो दिवसीय मंत्रिमंडल ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन किया गया। सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा IIM रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्य और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण पर व्यापक मंथन किया।

Chintan Shivir Chhattisgarh : चिंतन शिविर केवल मंच नहीं, सुधार का माध्यम: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का सशक्त जरिया बन चुका है। पिछले दो संस्करणों से मिले सुझावों को सरकार ने धरातल पर उतारा है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में दिख रहे हैं। तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना ही इस शिविर का मूल उद्देश्य है।

इन 4 बड़े विषयों पर हुआ मुख्य मंथन
शिविर के पहले दिन देश के नामचीन विशेषज्ञों ने अलग-अलग सत्रों में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया:

मूल्य-आधारित नेतृत्व: प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व विकास, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर विचार रखे।

इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (उभरती तकनीक): नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5G, ड्रोन, ब्लॉकचेन और डेटा-आधारित प्रशासन के माध्यम से सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

कृषि से समृद्धि: कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद और कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सफल मॉडलों की जानकारी दी।

पिछले चिंतन शिविरों से छत्तीसगढ़ को मिले ये 3 बड़े नवाचार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चिंतन शिविरों के मंथन से ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक सुधार लागू हुए हैं:

ई-ऑफिस प्रणाली: मंत्रालय में इसे लागू करने से फाइलों का निपटारा तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण का बड़ा माध्यम बनी।

सेवा सेतु पोर्टल: इसके माध्यम से आज 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन मिल रही हैं, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का संकल्प
“चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, कृषि सुधार और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार इन विचारों को जल्द ही ठोस नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू करेगी।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

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