कोरिया। जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। यहाँ आने वाली गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामला बुधवार, 24 जुलाई का है, जब दूर-दराज से आई गर्भवती महिलाओं को बिना जांच कराए ही बैरंग लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी के लिए महिला डॉक्टर महीने की 9 और 24 तारीख को निर्धारित हैं। इसी क्रम में बुधवार, 24 तारीख को कई गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए बुलाया गया था। घंटों इंतज़ार के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कुछ महिलाओं की ही जांच की और फिर डॉक्टर बिना सभी की जांच किए ही वापस चली गईं।
वहां मौजूद एक गर्भवती महिला के पति ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पहले महिलाओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें डॉक्टर के आने की सूचना दो घंटे पहले ही दे दी जाती थी। लेकिन अब इस व्यवस्था को भी बंद कर दिया गया है, जिससे महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि डॉक्टर कब आ रही हैं। परिजनों का कहना है कि “हमें अस्पताल बुला लिया जाता है, हम किराया खर्च करके और लंबी दूरी तय करके पहुंचते हैं, घंटों इंतज़ार करते हैं और अंत में पता चलता है कि सोनोग्राफी नहीं होगी। यह गर्भवती महिलाओं के साथ घोर लापरवाही है।”
सुविधाओं के नाम पर सिर्फ आश्वासन
सोनोग्राफी के लिए बार-बार चक्कर लगाने से गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन काफी परेशान हैं। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार सोनोग्राफी के लिए बुलाया गया, लेकिन हर बार उन्हें यही कहकर लौटा दिया जाता है कि आज जांच संभव नहीं है।