महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले केतन अग्रवाल की मौत के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस मौत को शुरुआत में एक आम हादसा समझा जा रहा था, वह असल में एक सोची-समझी खूनी साजिश निकली। इस पूरी साजिश को अंजाम देने का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि खुद केतन की मंगेतर सिया गोयल पर लगा है। पुलिस जांच में पता चला है कि लोहागढ़ किले में केतन को रास्ते से हटाने से कुछ घंटे पहले सिया अपने प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी से मिली थी।

कैफे में बैठकर बनाई गई थी हत्या की योजना, पहले भी मारने की हुई थी कोशिश
अठारह जून की सुबह जिस दिन यह वारदात हुई, ठीक उसी दिन सिया और उसका प्रेमी चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे। पुलिस को पूरा शक है कि केतन को ठिकाने लगाने की योजना इसी कैफे में तैयार की गई थी। दोनों ने पहले ही किले पर ऐसी जगहों की पहचान कर ली थी, जहां से केतन को आसानी से गहरी खाई में धकेला जा सके। दोपहर में जब सिया ट्रेक यानी पहाड़ी रास्ते पर पैदल यात्रा के बहाने केतन को किले पर ले गई, तब उसका प्रेमी चेतन भी चोरी-छिपे उनके पीछे-पीछे गया। तीसरी आंख यानी सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में चेतन को अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी यानी सिर ढकने वाली टोपी वाली जैकेट पहने हुए केतन का पीछा करते देखा गया है।
केतन और सिया की शादी बहुत ही आलीशान तरीके से होने वाली थी। इसके लिए जयपुर में सत्रह करोड़ रुपये में एक बड़ा महल बुक किया गया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो निजी विमानों का इंतजाम भी था। लेकिन शादी की शहनाई बजने से पहले ही घर में मातम पसर गया। सिया ने पुलिस को कहानी सुनाई थी कि किले पर पैर फिसलने से केतन खाई में गिर गया।
मगर पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में सच सामने आ गया। पता चला कि सिया ने इससे पहले चौदह जून को भी केतन को चट्टान से नीचे धकेलने की कोशिश की थी। उस समय गिरते वक्त केतन ने एक झाड़ी पकड़ ली थी जिससे उसकी जान बच गई थी। जब केतन ने इस पर सवाल उठाया, तो सिया ने वहां सांप होने का झूठा शोर मचा दिया और ऐसा नाटक किया कि जैसे वह केतन की जान बचा रही थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।