कार्यकर्ताओं को लगा कि मैं योग्य नहीं, तो तुरंत छोड़ दूंगा शिवसेना अध्यक्ष का पद: उद्धव ठाकरे

मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी घमासान के बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को एक बहुत बड़ा बयान दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि यदि शिवसैनिकों को कभी भी ऐसा लगता है कि वह इस जिम्मेदारी को संभालने के लायक नहीं हैं, तो वह तुरंत अपने पद से हट जाएंगे। उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि वह किसी भी योग्य व्यक्ति को पार्टी की कमान सौंपने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने विरोधियों को ललकारते हुए यह भी कहा कि वह संघर्ष के मैदान से पीछे हटने वाले इंसान नहीं हैं।

राजनीतिक चुनौतियों के बाद भी नहीं टूटा हौसला, दिया बालासाहेब का हवाला

शिवसेना में हुई बड़ी टूट और हाल के सालों में मिली राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग यह मानकर बैठे हैं कि इन मुश्किलों से उनका हौसला टूट जाएगा। उन्होंने विरोधियों की इस सोच को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी हाल में हार नहीं मानेंगे। उन्होंने पार्टी के भीतर हुई बगावत को ऑपरेशन तोड़वा (Operation Todva) का नाम दिया। आम जनता की आसान भाषा में समझें तो यह एक ऐसा राजनीतिक शब्द है जिसका इस्तेमाल सत्ता पाने के लिए दूसरी पार्टियों को रणनीति के तहत तोड़ने की कोशिशों के लिए किया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि खुद बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि पार्टी से गद्दारी करने वालों को राजनीति के मैदान में ही करारा जवाब मिलना चाहिए।

तीस साल बीजेपी के साथ रहे, जब वहां विलय नहीं हुआ तो कांग्रेस में कैसे होगा

उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ किए गए गठबंधन (MVA Alliance) पर उठ रहे तमाम सवालों का खुलकर जवाब दिया। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि जब शिवसेना तीस साल तक भाजपा के साथ रहने के बाद भी उसमें विलीन नहीं हुई, तो फिर कांग्रेस में विलय होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि आज महाराष्ट्र में खुद भाजपा शिंदे गुट की वजह से अंदरूनी तौर पर बेहद परेशान है। उद्धव ने यह भी कहा कि भले ही अतीत में कांग्रेस और शिवसेना के बीच मतभेद रहे हों, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी उनके निवास स्थान ‘मातोश्री’ का अपमान नहीं किया और हमेशा अपने वादे निभाए हैं।

शिवसेना का साथ न मिलता तो बहुत पहले खत्म हो जाती बीजेपी

बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर शुरुआती दिनों में शिवसेना का मजबूत सहारा न मिला होता, तो भाजपा बहुत पहले ही राजनीतिक रूप से खत्म हो चुकी होती। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत का फैसला चुनाव के नतीजों से होता है, न कि नेताओं के दल बदलने से। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता के दौर की एक बात याद दिलाते हुए कहा कि बालासाहेब ने स्पष्ट किया था कि उन्हें सत्ता का कोई लालच नहीं है और सरकार गिर भी जाए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उद्धव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आने वाले चुनावों के लिए पूरी ताकत से मैदान में जुट जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *