महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से ठीक पहले, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) में एक बार फिर बड़ी बगावत की तैयारी चल रही है। खबरों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बाद अब शिवसेना UBT के लोकसभा सांसदों में बड़ी टूट होने वाली है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एक अलग गुट बना सकते हैं, जिसका बाद में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में विलय हो जाएगा।

कल या परसों हो सकती है टूट, स्पीकर को सौंप सकते हैं पत्र
राजनैतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, उद्धव गुट के सांसदों की यह बगावत बहुत जल्द, यानी कल या परसों ही सामने आ सकती है। ये बागी सांसद दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करके उन्हें अपना समर्थन वापसी और अलग गुट बनाने का पत्र सौंप सकते हैं।
सूत्रों के हवाले से जिन 7 संभावित बागी सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- संजय देशमुख
- अरविंद सावंत
- संजय जाधव
- संजय पाटिल
- नागेश बापूराव अष्टिकर
- श्री राजाभाऊ वाजे
- संजय दिना पाटील
इस संभावित टूट की भनक लगते ही उद्धव ठाकरे खेमे में हड़कंप मच गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल देसाई और संजय राउत इस बगावत को रोकने और डैमेज कंट्रोल के लिए दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं।
सिर्फ सांसद ही नहीं, 14 विधायक भी छोड़ेंगे साथ: कृपाल तुमाणे
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता और विधायक कृपाल तुमाणे ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। तुमाणे के मुताबिक, संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले ये सभी 7 सांसद हर हाल में अलग गुट बना लेंगे और यह फैसला अंतिम है। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि सांसदों के बाद उद्धव ठाकरे के कुल 16 विधायकों में से 14 विधायक भी बहुत जल्द पार्टी का साथ छोड़ देंगे।
सम्मान न मिलने से नेताओं में बेचैनी: प्रतापराव जाधव
केंद्रीय राज्यमंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता प्रतापराव जाधव ने इस टूट की वजह बताते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे के साथ जो भी सांसद और विधायक बचे हैं, उन सभी के भीतर इस वक्त भारी बेचैनी और असंतोष है। जाधव का आरोप है कि उद्धव गुट में जनप्रतिनिधियों को वह सम्मान और तवज्जो नहीं मिल रही है जिसके वे हकदार हैं, इसी वजह से नेताओं ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है।
जब प्रतापराव जाधव से ‘ऑपरेशन टाइगर’ (शिवसेना UBT को तोड़ने की कथित रणनीति) के शुरू होने के समय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संजय राउत पर तीखा तंज कसा। जाधव ने कहा, “इसकी सटीक जानकारी तो केवल संजय राउत ही दे सकते हैं। ऐसा लगता है कि संजय राउत ने मन में यह ठान लिया है कि वे उद्धव ठाकरे की पार्टी को पूरी तरह खत्म करके ही दम लेंगे।”