नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और बुलियन मार्केट में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोने के दाम में 1400 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की कमी आई, जबकि चांदी करीब 8000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, मुनाफावसूली और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है।
MCX पर टूटा सोना और चांदी
एमसीएक्स पर 5 अगस्त फ्यूचर के लिए सोना 1400 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,57,651 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं 3 जुलाई फ्यूचर वाली चांदी करीब 8000 रुपये गिरकर 2,57,900 रुपये प्रति किलो से नीचे पहुंच गई।
बुलियन मार्केट में क्या है ताजा भाव?
इंडियन बुलियन मार्केट के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,54,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं 22 कैरेट सोना 1,41,238 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,15,643 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
चांदी के भाव में भी बड़ी नरमी देखी गई है। इसकी कीमत 2,54,950 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है।
क्यों आई सोना-चांदी में बड़ी गिरावट?
अमेरिकी ब्याज दरों का दबाव:
अमेरिका के फेडरल रिजर्व अधिकारियों के बयानों के बाद बाजार में यह आशंका बढ़ी है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रह सकती हैं। इसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर की मांग पर पड़ता है।
प्रॉफिट बुकिंग का असर
पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे। ऐसे में बड़े निवेशकों और फंड मैनेजरों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बिकवाली बढ़ गई।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत:
जब अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत होते हैं तो निवेशक सोना-चांदी छोड़कर अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनता है।
इंटरनेशनल मार्केट में भी कमजोरी
वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में हैं। COMEX और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोना करीब 14 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,491.50 डॉलर पर पहुंच गया। वहीं चांदी 1.63 फीसदी टूटकर 72.745 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीति सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।