भीषण गर्मी और नौतपा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी, भूलकर भी न करें ये गलतियां

​चारामा संवाददाता -अनूप वर्मा

प्रदेश सहित चरमा क्षेत्र में इन दिनों नौतपा का प्रचंड असर देखने को मिल रहा. है। सूरज की सीधी तपिश के कारण क्षेत्र का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे उमस और भीषण हीट वेव (लू) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है और लोग तेजी से हीट स्ट्रोक (सनस्ट्रोक) का शिकार हो रहे हैं।
​बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ डॉ. आर. पी. शंखवार ने आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस भीषण गर्मी में सावधानी बरतें और अपनी दिनचर्या में कुछ विशेष बदलाव करें।
​नौतपा में भूलकर भी न करें ये काम (बीएमओ डॉ. आर. पी. शंखवार की चेतावनी):
​दोपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें।
​सिर बिना ढके बाहर न जाएं: यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना ही पड़े, तो बिना सिर ढके (गमछा, टोपी या छाते के बिना) तेज धूप में कदम न रखें। धूप में निकलते समय त्वचा पर तेल लगाकर निकलने से भी बचें।
​खान-पान में बरतें सख्ती: इस दौरान ज्यादा तला-भुना, मसालेदार भोजन और मांसाहार-मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में बैंगन के सेवन से भी परहेज करना चाहिए।
​लापरवाही कतई न करें: कम पानी पीने की गलती न करें। इसके साथ ही, धूप में खड़ी बंद गाड़ियों में बच्चों को अकेले छोड़ने की भूल बिल्कुल न करें, यह जानलेवा साबित हो सकता है।
​लक्षणों को न करें इग्नोर: यदि सिरदर्द, चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी जैसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
​स्वास्थ्य विभाग ने बताए बचाव के आसान उपाय:
क्या करें कैसे मदद मिलेगी
अधिक पानी/तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को रोकने के लिए बार-बार पानी, छाछ, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पिएं।
सूती कपड़ों का उपयोग बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के और ढीले सूती (कॉटन) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।
सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग धूप से सीधी सुरक्षा के लिए छाता, चश्मा और टोपी का नियमित इस्तेमाल करें।
मौसमी फल अपने भोजन में ताजे फल, तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसी पानी से भरपूर चीजों को शामिल करें।विशेष नोट: बीएमओ डॉ. आर. पी. शंखवार का कहना है कि “सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।” नौतपा के दौरान खुद को सुरक्षित रखें, ठंडे स्थानों पर रहें और परिवार के बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
​रिपोर्ट: अनूप वर्मा, जनधारा न्यूज़ (चारामा)

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