हिमालयी क्षेत्र और भारत के विभिन्न हिस्सों में बीते कुछ दिनों से भूकंपीय गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को नेपाल के सीमावर्ती जिले दार्चुला में मध्यम तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।
नेपाल के दार्चुला में हलचल
नेपाल के भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, रविवार सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर दार्चुला जिले में झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। इसका केंद्र तपोवन इलाके में जमीन के भीतर स्थित था। झटके महसूस होते ही लोग सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। फिलहाल इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में झटके
इससे पहले शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी धरती हिली थी। सुबह 9 बजकर 57 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण हल्की तीव्रता के बावजूद लोग सहम गए।
ओडिशा के कालाहांडी में भी कंपन
बीते दिनों ओडिशा के कालाहांडी जिले में भी 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। शाम 7 बजकर 42 मिनट पर आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से 24 किलोमीटर नीचे था। जिले के भवानीपटना, जूनागढ़ और धर्मगढ़ा जैसे ब्लॉकों में कंपन महसूस किया गया था। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि वहां किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी बेल्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्लेट्स की हलचल के कारण ऐसे झटके लगातार आ रहे हैं। बार-बार आ रहे इन झटकों ने सुरक्षा तैयारियों और आपदा प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।