मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक युवक की लाश पेड़ से लटकी मिली थी, जिसे शुरुआत में आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह एक सुनियोजित हत्या निकली। इस खौफनाक घटना में मृतक की प्रेमिका ने अपने भाइयों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और बाद में शव को आत्महत्या दिखाने के लिए पेड़ पर लटका दिया।

घटना का सार
कटनी जिले के भैंसवाही ग्राम में 27 अप्रैल, 2026 को एक खेत के मेड़ पर लगे आम के पेड़ से 50 वर्षीय संतराम साहू का शव लटका हुआ मिला। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या लग रहा था, क्योंकि उनके गले में बिजली के तार से बना फंदा देखा गया, लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने पूरा मोड़ बदल दिया। डॉक्टरों ने बताया कि मृतक की नाक और चेहरे पर गहरी चोटें थीं और गले में तार इतनी जोर से खींचा गया कि उनकी श्वासनली का छल्ला टूट चुका था, जिससे गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई।
अवैध संबंध और षड्यंत्र
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि संतराम साहू और गांव की ही 28 वर्षीय पिंकी कोल के बीच लंबे समय से अवैध प्रेम संबंध चल रहे थे। कुछ समय पहले ये रिश्ता विवाद में बदल गया और गहरी दुश्मनी हो गई। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई रवि कोल और दो साथियों इत्तू भतरा व मोनू भतरा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच दी। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत संतराम को अपने घर बुलाया और वहीं इस भयानक वारदात को अंजाम दे दिया।
हत्या कैसे की गई?
पुलिस के अनुसार, शुरू में पिंकी कोल ने घर में ही ईंट लेकर संतराम की नाक और चेहरे पर जोर‐जोर से वार किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उसके भाई रवि कोल और दोनों साथियों ने बिजली के लंबे तार को उसके गले में लपेटकर दोनों ओर से जोर से खींचा, जिससे उसकी सांस घुट गई और वह वहीं मौके पर ही दम तोड़ दिया। शव को पेड़ पर लटकाकर दिखाने के प्रयास से यह दृश्य आत्महत्या जैसा नजर आए, लेकिन फॉरेंसिक और आसपास के साक्ष्यों ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने अपने बेहतर जांच और भरोसेमंद मुखबिरों के सहारे पिंकी कोल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जिसने कड़ाई से सवालों के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया। शुरू में टाल‑मटोल करने वाले अन्य आरोपियों को भी दबाव में लाकर जुर्म का ब्यौरा बताना पड़ा। इसके बाद थाना प्रभारी रितेश शर्मा की टीम ने मुख्य आरोपियों पिंकी कोल, रवि कोल, इत्तू भतरा और मोनू भतरा को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।
कोर्ट पेशी और जेल भेजना
गिरफ्तार चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें जेल वारंट पर जिला जेल कटनी भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे भी जांच जारी है और अगर कोई और शामिल व्यक्ति सामने आता है तो कानूनी कार्रवाई से बचने नहीं देगी। इस घटना ने क्षेत्र में खासकर ग्रामीण आबादी में सदमे और चर्चा की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि यह मामला अवैध संबंधों, रिश्तों की बिगड़ती नैतिकता और वैधानिक इंसाफ की जटिलताओं को एक साथ उजागर करता है।