आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी कॉग्निजेंट एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की कटौती करने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स से लगभग 4000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। यह छंटनी कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ अनुभवी लोगों की छंटनी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी इस साल 20,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की हायरिंग करने का भी मन बना रही है।
कंपनी की यह छंटनी मुख्य रूप से प्रोजेक्ट लीप नामक प्रोग्राम के तहत की जा रही है। इस पहल के जरिए कॉग्निजेंट एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य इस साल लगभग 2505 करोड़ रुपये की बचत करना और भविष्य की तकनीक में निवेश को बढ़ाना है। जानकारों का मानना है कि कंपनी मिड-लेवल रोल्स में कटौती कर लागत कम करने और कम खर्च वाले एंट्री-लेवल टैलेंट को प्राथमिकता देने की दिशा में बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी ने छंटनी के इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।