बस स्टैंड की हालत गंदगियों से बेहद खराब 0
0 यात्रियों व निवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली बस स्टैंड सिर्फ नाम का बस स्टैंड है । बस स्टैंड पूरी तरह अतिक्रमण कारियों के कब्जे मे आ चुका है । गंदगी इतनी कि खड़े हो पाना भी संभव नहीं । बस स्टैंड में नगरपालिका द्वारा वाटर ATM तो लगाया गया है पर वह किसी काम का नहीं । एटीएम की हालत बता रही है कि उसकी स्वयं की स्थिति क्या है । तो वहीं बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय की स्थिति ऐसी है कि आदमी तो आदमी जानवर भी जाना पसंद नहीं कर रहे । इन सब के अव्यवस्थाओं के कारण ही बस स्टैंड में जगह ही नहीं रहती बसों को खड़े रहने के लिए । ” मोर सरायपाली मोर बस स्टैंड ” के जुमलो की तरह कुछ ऐसी स्थिति व अव्यवस्थाओं के बीच नगरपालिका यात्रियों व आगंतुकों का स्वागत करती है ।

सरायपाली का वर्तमान बस स्टैंड 26/1/1975 को प्रारंभ हुआ । उस समय इसका क्षेत्रफल काफी विशाल था । पर कुछ दुकानदारों द्वारा मिलीभगत कर विशाल क्षेत्र पर धीरे धीरे कब्जा किए जाने के साथ ही अनेक दुकानदारों द्वारा सड़क में ही सामानों को रख दिए जाने से बस तो छोड़िए कार निकालना भी संभव नहीं है । वहीं बस स्टैंड के अंदर स्थित दुकानों के यहां आने वाले ग्राहकों की कारों से भी बस स्टैंड पूरी तरह भर जाता है ऐसे में बसों को स्टैंड के अंदर लाने के लिए बस चालक डरते हैं कि कही किसी वाहन से बस टकरा न जाए । इसी डर की वजह से बसों को सड़क किनारे खड़ी करना मजबूरी हो रही है । अब इस पर भी संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुवे एसडीओपी ललिता मेहर द्वारा सड़क में बसों को खड़े नहीं किए जाने का आदेश दिए जाने के बाद बस चालकों व संचालकों के समक्ष बसों को बस स्टैंड ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है कि आखिर गाड़ियों को कुछ समय के लिए खड़ी कहां करें ।

आज 51 वर्षों बाद भी इस बस स्टैंड का कोई विकास नहीं हो पाया । यह बस स्टैंड न होकर एक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के रूप में परिवर्तित हो गया है ।
नगरपालिका द्वारा यात्रियों को शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध कराए जाने हेतु वर्षों पूर्व बस स्टैंड में लाखों रुपये खर्च कर वाटर ATM लगाया गया था जो आज भी मौजूद है ।पर यह लगने के कुछ ही दिनों बाद से बंद पड़ा है । स्थिति यह हो गई है कि पड़े पड़े भारी जंग लगने के कारण अब इसे कबाड़ी भाव में बेचना पड़ेगा ।
यात्रियों के बैठने की सुविधा के लिए नगरपालिका द्वारा यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है । पर यात्री प्रतीक्षालय जगह जगह क्षतिग्रस्त तो हो ही गया है साथ ही प्रतीक्षालय के अंदर व बाहर इतनी अत्यधिक गंदगी है कि ऐसा लगता है जैसे इसकी महीनों से सफाई नहीं हुई हो । वैसे नगरपालिका को इसके देखरेख व साफ सफाई की इसलिए आवश्यकता भी नहीं है कि यात्री जब बस स्टैंड के अंदर जाते व रहते ही नहीं तो इसके देखरेख व सफाई का कोई औचित्य ही नहीं है । इसका उपयोग लोग वहां गाड़ियों को खड़े करने व रात को बैठकर आराम से दारू पीने का स्थल बना लिया है ।

नगरपालिका द्वारा बस स्टैंड के पीछे अपनी जमीन देकर निजी जमीन में भवन निर्माण हेतु दिवाल तोड़कर रास्ता दिए जाने से भी बस स्टैंड में अनावश्यक रूप से थोक व्यापारियो द्वारा कब्जा कर लिया गया है जिनकी वजह से बस स्टैंड को मार्केट व कालोनी का रूप बना दिया गया है । निर्माणाधीन इन भवनों के लिए दिन में अनेक गाड़ियों के निर्माण सामग्री ले जाने के कारण बस स्टैंड के अंदर हमेशा व्यवस्तता के साथ ही दुर्घटनाओं की भी संभावना बनी रहती है ।निजी जमीन मालिकों को गैर कानूनी रूप से बस स्टैंड के अंदर से रास्ता दिए जाने को लेकर भी आपत्ति की जा रही है इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज निकालकर शिकायत दर्ज की जाएगी ।