शासन से अनुरोध है कि पत्रकारों को जिस भी विभाग की जानकारी चाहिए, सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा उन्हें बिना आरटीआई लगाएं सही जानकारी प्रदान किया जाना चाहिए,कुछ अधिकारियों को पत्रकारों के साथ ऐसा कहता हुआ पाया गया कि आप आरटीआई लगाकर जानकारी ले, देश के चौथे स्तंभ को भी यदि आरटीआई लगाकर जानकारी लेना पड़े तो यह स्थिति अशोभनीय है, जिसके लिए पत्रकारों की तरफ से यह खेद का विषय है, क्या जनता तक सही जानकारी देना और जनता की समस्या शासन तक पहुंचाना इस कार्य को करने में भी यदि पत्रकारों को होने लगी दिक्कतें तो इसके जिम्मेदार लोगों को यह सोचना भी जरूरी है कि देश की अस्मिता खतरे में है, जिसके लिए जिम्मेदार वही लोग हैं जो ऐसी स्थिति पैदा करने के लिए दोषी है।
सूचना के अधिकार के बोझ तले दबी पत्रकारिता: विभागों से सीधे जानकारी देने की मांग, अधिकारियों के अड़ियल रवैये पर जताया खेद
19
Apr