4 IAS अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत, पूर्व IFS ने खोला मोर्चा

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक पूर्व आईएफएस (IFS) अधिकारी ने प्रदेश के चार वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। पूर्व आईएफएस आजाद सिंह डबास का आरोप है कि इन अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये का घोटाला किया है और नियमों को ताक पर रखकर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, 23 मई 2025 को बिना ‘सिया’ (SEIAA – State Level Environment Impact Assessment Authority) की आधिकारिक बैठक आयोजित किए ही 237 विभिन्न प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी गई। डबास का कहना है कि किसी भी प्रोजेक्ट को पर्यावरणीय मंजूरी देने से पहले ‘सिया’ की बैठक अनिवार्य होती है, लेकिन इन अधिकारियों ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर अनुमति प्रदान की।

इन अधिकारियों पर लगे आरोप
पूर्व आईएफएस ने अपनी शिकायत में जिन चार आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल किए हैं और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है, वे इस प्रकार हैं:

अशोक बर्णवाल: एसीएस, पर्यावरण विभाग।

नवनीत मोहन कोठारी: तत्कालीन प्रमुख सचिव, पर्यावरण।

उमा महेश्वरी आर: तत्कालीन सदस्य सचिव, ‘सिया’।

श्रीमन शुक्ला: तत्कालीन प्रभारी सदस्य सचिव, ‘सिया’।

एफआईआर की मांग
आजाद सिंह डबास ने EOW को सौंपे गए दस्तावेजों में दावा किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की है कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों की अनदेखी करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के कारण इन चारों अफसरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाए।

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर प्रदेश के शीर्ष नौकरशाहों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। अब देखना होगा कि EOW इस हाई-प्रोफाइल शिकायत पर क्या रुख अपनाता है।

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