रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज एक बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जेल से रिहा कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने पहले ही सौम्या चौरसिया को इस शर्त पर जमानत दी थी कि मामले में चालान पेश होते ही उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। बुधवार को ईओडब्ल्यू द्वारा विशेष अदालत में पूरक चालान पेश करते ही रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई और दोनों जेल से बाहर आ गए।
जेल से छूटने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए केके श्रीवास्तव ने दोटूक अंदाज में कहा कि किसी से दोस्ती रखना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अपने पुराने रिश्तों को स्वीकार किया, साथ ही यह भी कहा कि उनके संबंध भाजपा के दिग्गज नेताओं से भी रहे हैं। खुद पर लगे ‘तांत्रिक’ के ठप्पे पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि केवल दाढ़ी-बाल बढ़ा लेने या पूजा-पाठ करने से कोई तांत्रिक नहीं हो जाता। फिलहाल, 1500 पन्नों के नए चालान पेश होने और इन प्रमुख चेहरों के बाहर आने से प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
धमाकेदार हेडिंग: जेल से बाहर आईं सौम्या चौरसिया: केके श्रीवास्तव ने रिहा होते ही दिखाया टशन, बोले- नेताओं से संबंध रखना जुर्म नहीं