छत्तीसगढ़ में 15 फोरलेन सड़कों के लिए 708 करोड़ रुपए स्वीकृत


रायपुर, 8 अप्रैल 2026। प्रदेश में यातायात सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण हेतु 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किलोमीटर फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

इन परियोजनाओं से प्रमुख मार्गों पर यातायात सुगम होगा, जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा का समय कम होगा। साथ ही, सुरक्षित यातायात के साथ कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलने से आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी के लिए 3.41 करोड़, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी के लिए 20.64 करोड़, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी के लिए 28.58 करोड़ तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी के लिए 23.97 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के लिए 41.49 करोड़, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से 5 तक के लिए 55.29 करोड़, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन के लिए 81.48 करोड़ तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के लिए 152.17 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।

रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 2.8 किमी के लिए 17.09 करोड़, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी के लिए 34.20 करोड़, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी के लिए 61.34 करोड़, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए 82.80 करोड़ तथा कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी के लिए 14.71 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई की तीन सड़कों के फोरलेन उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36.85 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से 57 तक फोरलेन उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए 54.21 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा, “राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।”

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *