कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व पवन खेड़ा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित अभद्र शब्दों के प्रयोग को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसी के विरोध में आज बलौदा बाजार के गार्डन चौक पर युवा कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की अभद्र भाषा न केवल व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है।
वरिष्ठ कांग्रेसी शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि हाल के दिनों में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं जैसे राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा के खिलाफ जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग मुख्यमंत्री हेमंता विश्वशर्मा द्वारा किया गया है, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर इस तरह की अभद्र भाषा का उपयोग करना लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर करता है। और वे बौखला गए हैं उनकी हार निश्चित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आसाम पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है और सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि यदि इसी तरह लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग होता रहा, तो इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र बंजारे ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं, तो वे और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
समापन में कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संबंधित नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के प्रयोग को सुनिश्चित किया जाए।