इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित भोजशाला विवाद मामले में इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई के तीसरे दिन हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने भोजशाला को मंदिर बताते हुए कई अहम दलीलें दीं।
उन्होंने मुस्लिम पक्ष के मौलाना कमालुद्दीन द्वारा दायर काउंटर हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि इसमें स्वीकार किया गया है कि यहां पहले मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई। हिंदू पक्ष ने यह भी दावा किया कि मौजूदा संरचना में मंदिर के स्तंभ और संस्कृत के श्लोक आज भी मौजूद हैं, जो इस स्थल के मंदिर होने के प्रमाण हैं।
हिंदू पक्ष ने राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि मामलों का जिक्र करते हुए वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी। उनका कहना था कि जो स्थल मंदिर या एएसआई के अधीन हैं, वे वक्फ बोर्ड के दायरे में नहीं आते। अदालत में इस समर्थन में पूर्व मामलों से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए गए।
मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी।
