चारामा में गैस संकट: सरकार के 45 दिनों वाले नियम ने बिगाड़ा रसोई का बजट, चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हुए लोग

चारामा अमेरिका और ईरान के बिच छिडे युद्ध से पूरे देश में चल रही गैस की दिक्कत से लोग परेशान हो रहे हैं, सरकार के शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन में गैस सिलेंडर की रिफ़्लिंग के नियम ने लोगों को चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर कर दिया हैं। आम जनता या तो ब्लैक से अधिक दरो पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं या फिर चूल्हे पर खाना बनाने को. क्योंकि आम जनों के यहाँ एक माह में सिलेंडर ख़त्म हो जाता हैं.

लेकिन सरकार के इस नियम ने सबको परेशानी में डाल दिया हैं.बात करे नगर पंचायत चारामा की तो चारामा नगर पंचायत क्षेत्र हैं, लेकिन यहाँ गैस सिलेंडर के वितरक की एजेंसी ग्रामीण के नाम से संचालित जिसके चलते शहरी क्षेत्र होने के बावजूद नगर के लोगों को सिलेंडर के लिए 45 दिन का इंतजार करना पड रहा हैं. और जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन शहरी गैस एजेंसियों से हैं. उन्हें समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो पा रहे हैं.

हलाकि नगर में सबसे ज्यादा गैस के कनेक्शन पूजा गैस एजेंसी के ही हैं. जो ग्रामीण वितरक के नाम से हैं, ऐसे गैस एजेंसी के संचालक भी नियमो में बंधे हुए हैं, और और दूसरी और पूजा गैस एजेंसी से कनेक्शन धारी जितने भी ग्राहक हैं, उनकी ऑनलाइन बुकिंग की तारीख ऑटोमेटिक 45 दिन सरकार की ओर से सेट हो चुकी है, ऐसे में किसी प्रकार की बुकिंग पहले से नहीं हो सकती हैं, ऐसे में जब तक गैस की किल्लत खत्म नहीं होती है तब तक आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में चुल्हो का दौर वापस आ चुका है, वही शहरी क्षेत्र के लोग इंडक्शन चूल्हा और ब्लैक में चूल्हा खरीदने को मजबूर हो चुके हैं और सरकार से जल्द इस नियम को ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं।

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