प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पूर्ण पेंशन की मांग
कांकेर/ चारामा – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन कांकेर ने पूर्व सेवावधि को जोड़कर प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन गणना की मांग को लेकर प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला के नेतृत्व में रामविचार नेताम मंत्री कृषि एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन को कांकेर प्रवास के दौरान मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। श्री नेताम ने इस विषय पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संविलियन पूर्व की 20से 25वर्षों की सेवा को शून्य मानते हुए वर्तमान में पेंशन हेतु सेवा की गणना संविलियन तिथि 1जुलाई 2018 से की जा रही है जिससे 2028 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित हो रहे हैं।मांग है कि पूर्व सेवावधि को जोड़कर प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन दी जाए।उल्लेखनीय हो कि माननीय उच्च न्यायालय ने भी पेंशन संबंधी विभिन्न याचिकाओं का निपटारा करते हुए संविलियन पूर्व की सेवाओं को “स्थगित पारिश्रमिक” मानते हुए इस पर राज्य सरकार को 120 दिन में नियम बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं भारत सरकार,उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड की सरकार ने 20 वर्ष की सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया है। अतः छत्तीसगढ़ में भी 33वर्ष के स्थान पर 20 वर्ष की सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया जाए।प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के जिला सचिव संतोष जायसवाल,जिला उपाध्यक्ष निरंकार श्रीवास्तव,जिला पदाधिकारी डाॅ कृष्णमूर्ति शर्मा,जिला विधिक सलाहकार वैभव मेश्राम,ब्लाक अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर, उपाध्यक्ष वरुण कीर्तनिया उपस्थित रहे।