रमेश गुप्ता रिसाली । नगर पालिक निगम रिसाली का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंगलवार को महापौर शशि सिन्हा द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया। 23 मिनट के बजट अभिभाषण में महापौर ने 223 करोड़ 51 लाख रुपए का बजट पेश किया, जिसमें 12 लाख 8 हजार रुपए का लाभ अनुमानित है। विस्तृत चर्चा के बाद सभापति केशव बंछोर की अध्यक्षता में लगभग सवा तीन घंटे पश्चात विशेष सभा में बजट संकल्प पारित कर दिया गया।

महापौर शशि सिन्हा ने अपने अभिभाषण में कहा कि यह बजट नगर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने रिसाली को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया। साथ ही वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों को उपलब्धिपूर्ण बताते हुए आगामी योजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
बजट पर चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू ने की, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से पार्षद चन्द्रभान ठाकुर ने अपनी बात रखी। चर्चा के दौरान सदन में कुछ समय के लिए गहमागहमी का माहौल भी रहा। प्लेसमेंट कर्मचारी की दुर्घटना में मृत्यु के मुद्दे पर जवाबदेही को लेकर विपक्ष के पार्षद गर्भगृह में जाकर बैठ गए। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस भूमि का विवरण बजट पुस्तिका में नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। सभापति ने दोनों विषयों पर अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई कर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आय-व्यय का लेखा-जोखा
कुल प्राप्तियां: 223 करोड़ 51 लाख रुपए
कुल व्यय: 223 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपए
अनुमानित लाभ: 12 लाख 08 हजार रुपए
विकास कार्यों पर जोर
महापौर ने बताया कि अधोसंरचना मद के अंतर्गत 182 निर्माण कार्यों के लिए 13 करोड़ 36 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
केंद्र प्रवर्तित 15वें वित्त आयोग मद से 21 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण, मरम्मत, पाइपलाइन विस्तार और ओवरहेड टैंक निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे।

नगरोत्थान योजना के तहत 17 करोड़ 23 लाख रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। वहीं सीएसआर मद से 1 करोड़ से अधिक की राशि से विभिन्न वार्डों में कार्य होंगे। पार्षद निधि से 2 करोड़ 40 लाख और महापौर निधि से 1 करोड़ 12 लाख रुपए के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा “वुमेन फॉर ट्री” योजना के तहत छह महिला समूहों द्वारा पौधरोपण एवं देखरेख का कार्य किया जा रहा है।
टैक्स भुगतान में डिजिटल सुविधा
महापौर ने बताया कि निगम द्वारा नागरिकों को घर बैठे टैक्स भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यूपीआई, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था के साथ ही व्हाट्सएप के जरिए टैक्स संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। इस सुविधा का लाभ अब तक करीब 27 हजार नागरिक उठा चुके हैं।
बजट को लेकर सत्ता पक्ष ने इसे विकासोन्मुखी और जनहितैषी बताया, जबकि विपक्ष ने कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। अंततः चर्चा और संशय के बीच बजट को सदन की स्वीकृति मिल गई।