0 एक ने पूर्व में किया था आत्मसमर्पण शेष दोनों एक वर्ष से फरार थे 0
0 इनकी गिरफ्तारी के बाद वास्तविकता सामने आएगी
0दिलीप गुप्ता सरायपाली= ग्राम अमरकोट धान खरीदी केंद्र में ढेड़ करोड़ रुपए से अधिक के धान खरीदी में घपला के फरार दो आरोपियों को सरायपाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है ।विगत मई माह में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक आरोपी द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया गया था किंतु उक्त दोनों आरोपी फरार हो गए थे । इनकी गिरफ्तारी के बाद कुछ छुटभैय्ए नेताओं के नाम भी सामने आने की संभावना है । सत्ताधारी पार्टी के एक जनप्रतिनिधि का नाम उस वक्त सामने आ रहा था । अब जांच में वास्तविकता सामने आएगी ।इस संबंध में टीआई नितेश ठाकुर ने जानकारी देते हुवे बताया कि अमरकोट धान उपार्जन केंद्र में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में सरायपाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 1 करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपये की शासकीय क्षति पहुंचाने के आरोप में लंबे समय से फरार दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला धान खरीदी वर्ष 2024-25 का है, जिसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के प्रार्थी अमृत लाल जगत द्वारा 20 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान अमरकोट धान उपार्जन केंद्र में बारदानों की संख्या में भारी गड़बड़ी सामने आई थी । भौतिक सत्यापन में 14,221 बोरी के स्थान पर 11,416 बोरी धान कम पाया गया, जिससे शासन को करोड़ों की आर्थिक क्षति हुई। जांच में केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र पटेल को दोषी पाया गया था ।
इस पर सरायपाली थाने में धोखाधड़ी और गबन की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी । मामले में प्रथम आरोपी राजेंद्र पटेल ने 2 फरवरी 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि अन्य दो आरोपी कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस द्वारा लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद दोनों आरोपियों का पता लगाया गया। अंततः आज 3 अप्रैल 2026 को सरायपाली पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।गिरफ्तार आरोपीः कार्तिकेश्वर यादव (56 वर्ष), निवासी मुंधा, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद तेजराम पटेल (33 वर्ष), निवासी चकरदा, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद ।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था । इसी तरह की एक घटना केना सोसायटी में भी हुई थी जहां भौतिक सत्यापन के बाद भारी गड़बड़ी पाई गई थी । इन घटनाओं से धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी ।