क्या है पीएम मोदी का ‘उड़ान 2.0’ मिशन और इससे कैसे बदलेगी आपकी जिंदगी?

UDAN Scheme 2.0 : जेवर/नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दुनिया के चौथे सबसे बड़े हवाई अड्डे, ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ (जेवर) के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए देश के आम नागरिक के लिए एक नई उम्मीद की खिड़की खोल दी है। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने न केवल रिमोट का बटन दबाकर इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत की, बल्कि ‘उड़ान 2.0’ (UDAN 2.0) योजना के जरिए देश के एविएशन सेक्टर का भविष्य का रोडमैप भी जनता के सामने रखा। प्रधानमंत्री का विजन स्पष्ट है—आसमान पर अब सिर्फ अमीरों का हक नहीं होगा, बल्कि ‘हवाई चप्पल’ पहनने वाला आम भारतीय भी शान से जहाज की सैर करेगा।

उड़ान योजना: आम आदमी के सपनों को मिले पंख

प्रधानमंत्री ने जेवर की धरती से देश को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार ने हवाई यात्रा को विलासिता की श्रेणी से निकालकर एक अनिवार्य सुविधा में बदल दिया है। अक्टूबर 2016 में शुरू हुई ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना ने बीते एक दशक में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। आंकड़ों के जरिए इस सफलता को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि साल 2014 तक देश में केवल 74 हवाई अड्डे संचालित थे, लेकिन आज यह संख्या 160 के पार पहुंच गई है। अब तक 1.62 करोड़ से अधिक लोग किफायती दरों पर हवाई सफर का आनंद ले चुके हैं और देश के 663 रूट्स पर विमानों का संचालन सुचारू रूप से जारी है।

उड़ान 2.0: 29 हजार करोड़ का मास्टरप्लान

इस सफलता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ‘उड़ान 2.0’ लेकर आई है। इस योजना के विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। अगले 10 वर्षों (2035-36 तक) के इस प्लान के तहत सरकार का लक्ष्य है:

100 नए हवाई अड्डे: देश भर में मौजूद पुरानी और अनुपयोगी हवाई पट्टियों को आधुनिक एयरपोर्ट्स में बदला जाएगा।

200 आधुनिक हेलीपैड: पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 200 नए हेलीपैड तैयार किए जाएंगे।

सस्ता किराया: आम जनता के लिए हवाई किराया नियंत्रण में रहे, इसके लिए सरकार एयरलाइंस कंपनियों को 10,043 करोड़ रुपये की ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ (VGF) प्रदान करेगी।

‘मेड इन इंडिया’ विमानों से सजेगा आसमान

उड़ान 2.0 की एक और बड़ी खासियत इसका स्वदेशी प्रेम है। पीएम मोदी ने बताया कि क्षेत्रीय उड़ानों के लिए अब भारत में बने विमानों और हेलीकॉप्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। आने वाले समय में आप पवन हंस के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) द्वारा निर्मित ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए ‘डॉर्नियर’ विमानों में उड़ान भरते नजर आएंगे।

रोजगार और आर्थिक क्रांति की आहट

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एयरपोर्ट केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं हैं, बल्कि ये रोजगार के बड़े केंद्र हैं। जैसे-जैसे नए रूट्स खुल रहे हैं, एयरलाइंस कंपनियां हजारों नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं। इससे न केवल पायलट और केबिन क्रू, बल्कि ग्राउंड स्टाफ, मेंटेनेंस और एयरपोर्ट ऑपरेशंस में लाखों युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3) में हवाई कनेक्टिविटी पहुंचने से वहां का स्थानीय व्यापार और पर्यटन भी तेजी से बढ़ेगा। इमरजेंसी के समय मेडिकल सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी, जो दूरदराज के इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

पीएम मोदी के अनुसार, यह योजना 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। अब वो दिन दूर नहीं जब भारत का एविएशन इकोसिस्टम दुनिया में सबसे मजबूत होगा और हर भारतीय के पास आसमान छूने का अवसर होगा।

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