आसमान छूती एलपीजी की कीमतों से फीकी पड़ी त्योहार की मिठास, थाली से गायब हो रहे खास पकवान

LPG price hike : नई दिल्ली: ईरान युद्ध के चलते एलपीजी सप्लाई में आई बाधा ने इस साल रमजान और ईद की खुशियों पर महंगाई का साया डाल दिया है। दिल्ली के जाकिर नगर से लेकर लखनऊ की गलियों तक, गैस सिलेंडर की किल्लत और उसकी आसमान छूती कीमतों ने खान-पान के कारोबार को संकट में डाल दिया है।

जो कमर्शियल गैस सिलेंडर कुछ समय पहले तक 1600 से 1800 रुपये के बीच उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 3500 से 4000 रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे सप्लाई चेन में आई रुकावट के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।

मेन्यू से गायब हुए पकवान ईंधन की इस मार का सीधा असर जायके पर पड़ा है। जाकिर नगर और पुराने लखनऊ जैसे फूड हब में कई दुकानदारों ने अपने मेन्यू से बिरयानी, कोरमा और कबाब जैसे भारी पकवानों को हटा दिया है क्योंकि इन्हें पकाने में गैस की खपत अधिक होती है। लागत बढ़ने के कारण मुनाफा तो कम हुआ ही है, साथ ही कई छोटे दुकानदारों को अपनी दुकानें तक बंद करनी पड़ रही हैं।

विकल्प की तलाश और बढ़ती मुश्किलें गैस के महंगे दामों से बचने के लिए अब दुकानदार पारंपरिक कोयले या बिजली के उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, इससे न केवल काम की रफ्तार धीमी हुई है, बल्कि ग्राहकों की शिकायत है कि खान-पान के पारंपरिक स्वाद में भी बदलाव आ गया है। इस संकट ने न केवल दुकानदारों बल्कि वहां काम करने वाले कारीगरों और मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

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