बुढ़ापे की लाठी और शानदार रिटर्न के लिए चुनें सरकार की यह ‘सुपरहिट’ FD स्कीम

National Pension System : नई दिल्ली। आज के दौर में जहां महंगाई रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है, वहां बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा रखना अब उतना फायदेमंद नहीं रह गया है। सुरक्षित निवेश के शौकीन भारतीय अब ऐसे विकल्पों की तलाश में हैं जो न केवल उनके मूलधन को सुरक्षित रखे, बल्कि भविष्य में एक मोटा फंड भी तैयार कर दे। ऐसे में केंद्र सरकार की नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक गेम-चेंजर साबित हो रही है, जो FD के मुकाबले कहीं ज्यादा मुनाफा देने का दम रखती है।

क्या है NPS और क्यों है यह खास?
NPS मूल रूप से एक रिटायरमेंट सेविंग प्लान है। इसकी खासियत यह है कि आपका निवेश किया हुआ पैसा किसी एक जगह टिकने के बजाय सरकारी बॉन्ड्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और शेयर बाजार (Equity) के एक संतुलित मिश्रण में लगाया जाता है। प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स इसकी देखरेख करते हैं, जिससे लंबी अवधि में आपको चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का जबरदस्त फायदा मिलता है।

FD बनाम NPS: मुनाफे की जंग
जहाँ बैंक की FD फिलहाल 6.5% से 7.5% के बीच सिमट कर रह गई है, वहीं NPS ने ऐतिहासिक रूप से 8% से 11% तक का औसत रिटर्न दिया है।

नियमित आय: FD की मैच्योरिटी के बाद पैसा खत्म हो जाता है, लेकिन NPS 60 साल की उम्र के बाद आपको एकमुश्त मोटी रकम देने के साथ-साथ ताउम्र ‘पेंशन’ की गारंटी भी देता है।

फ्लेक्सिबिलिटी: आप अपनी सुविधा के अनुसार निवेश की राशि बढ़ा या घटा सकते हैं और रिटायरमेंट की उम्र के बाद भी (75 साल तक) निवेश जारी रख सकते हैं।

टैक्स में ‘डबल धमाका’
NPS में निवेश करने का सबसे बड़ा आकर्षण इनकम टैक्स में मिलने वाली अतिरिक्त छूट है। धारा 80C की 1.5 लाख की सीमा के अलावा, आप धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये की एक्स्ट्रा टैक्स कटौती का लाभ उठा सकते हैं। यानी रिटर्न भी ज्यादा और टैक्स की देनदारी भी कम।

किसे करना चाहिए इसमें निवेश?
चाहे आप सरकारी कर्मचारी हों, प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत हों या खुद का छोटा व्यवसाय चलाते हों—अगर आपका लक्ष्य एक सम्मानजनक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बुढ़ापा है, तो NPS में आज से ही शुरुआत करना एक समझदारी भरा फैसला होगा। यह न केवल आपके बचत करने की आदत को अनुशासित बनाता है, बल्कि भविष्य की महंगाई से लड़ने की ताकत भी देता है।

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