बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में होली के त्योहार से ठीक पहले एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर उदल (मजरे रामनगर) गांव में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात भाइयों के बीच शुरू हुए मामूली विवाद ने भीषण खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। कुल्हाड़ी से किए गए अंधाधुंध वार में तीन महिलाओं समेत एक पुरुष की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई है।
आधी रात को मची चीख-पुकार, आंगन हुआ लहूलुहान
बहराइच: घटना रात करीब 12:30 बजे की है। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक घर के भीतर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। जब तक पड़ोसी मौके पर पहुँचते, तब तक घर का आंगन खून से लाल हो चुका था। इस हमले में मृतकों की पहचान शिताला (82), संजू देवी (60), पार्वती (20) और बडलूराम (62) के रूप में हुई है। मृतकों में एक पक्ष से पति-पत्नी और दूसरे पक्ष से मां-बेटी शामिल हैं। इस संघर्ष में गुरुदेव (40) और निरंकार (30) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से निरंकार को नाजुक हालत में लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
बहराइच: सूचना मिलते ही एसपी राम नयन सिंह, एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने घटनास्थल से वह कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है जिससे इस जघन्य कांड को अंजाम दिया गया। एसपी आरएन सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला गहरे पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। घर में अब केवल एक मासूम बच्चा सुरक्षित बचा है, जिसे पुलिस ने अपनी सुरक्षा में ले लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई है।
मानसिक तनाव और आपसी कलह बनी वजह
बहराइच: ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था और घर में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। हालांकि, मामूली विवाद इतनी बड़ी हिंसा में बदल जाएगा और चार लोगों की जान ले लेगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। फॉरेंसिक टीम ने घर के भीतर बिखरे सामान और खून के धब्बों के बीच से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मामले की तह तक पहुँचा जा सके।