सरायपाली। सीमावर्ती थाना कोमाखान पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े बारह लाख रुपये कीमत का 25 किलो गांजा जप्त किया है। इस मामले में ओडिशा के 4 अंतरराज्यीय तस्करों के साथ रायपुर निवासी मुख्य खरीददार को भी गिरफ्तार किया गया है। साल 2026 में अब तक पुलिस कुल 2123.716 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त कर चुकी है और 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 55 आरोपी राज्य के बाहर के हैं।
सरायपाली एसडीओपी ललिता मेहर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अब केवल गांजा पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों के खिलाफ ‘एंड टू एंड’ (End to End) एवं फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन, सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन प्वाइंट पर प्रभावी कार्यवाही कर रही है ताकि तस्करी के मुख्य नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
एक फरवरी को हुई कार्रवाई विगत एक जनवरी (01/02/2026) को सूचना एवं चेकिंग के दौरान पुलिस ने आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। उनके पास से परिवहन में प्रयुक्त टाटा जेस्ट कार (क्रमांक CG 10 AS 9099), अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन और कुल 2,34,100 रुपये नगद बरामद किए गए। इस प्रकरण में रायपुर के आजाद चौक, शिवनगर निवासी बंशी साहू को मुख्य खरीददार के रूप में गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पहचान कर आगे की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
जप्त सामग्री का विवरण:
मादक पदार्थ: 25 किलो गांजा (कीमत 12,50,000 रुपये)
वाहन: टाटा जेस्ट कार क्रमांक CG 10 AS 9099 (कीमत करीब 5 लाख रुपये)
नगदी: 2,03,100 रुपये (कुल नगद 2,34,100 रुपये)
अन्य: 05 नग मोबाइल फोन (कीमती 31,000 रुपये)
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
प्रशांत नंदा पिता अंडरिया नंदा, निवासी रंगाली, जिला बलांगीर (ओडिशा)
संजय नाग पिता पार्थव नाग, निवासी गंडा पतरापाली, जिला बलांगीर (ओडिशा)
दीपक महानंद पिता खुशीराम महानंद, जिला बलांगीर (ओडिशा)
शंकर हरपाल पिता कंदन, निवासी गंडा पतरापाली, जिला बलांगीर (ओडिशा)
बंशी साहू पिता प्रेमलाल साहू, निवासी शिवनगर, आजाद चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)
सरायपाली एसडीओपी ललिता मेहर ने आम जनता से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, ताकि समाज और कानून हित में नागरिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।