धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कुरूद ब्लॉक के दहदहा सरकारी स्कूल के करीब 35 छात्र-छात्राओं ने अपनी कलाइयां काट लीं। यह घटना करीब एक महीने पुरानी है, लेकिन प्रशासन के कानों तक इसकी खबर तब पहुंची जब एक अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। इस मामले के उजागर होते ही शिक्षा और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई है।
बहादुर दिखने के चक्कर में किया खुद को जख्मी
जांच में यह बात सामने आई कि कक्षा छठवीं, सातवीं और आठवीं के बच्चों ने किसी नुकीली चीज से अपने हाथ की कलाई पर कट लगाए थे। शुरुआती जांच में इसे नशे से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जब बच्चों की काउंसलिंग की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने किसी नशे या दबाव में नहीं, बल्कि एक-दूसरे को ‘चैलेंज’ देने और खुद को ‘बहादुर’ साबित करने के चक्कर में ऐसा किया।
सोशल मीडिया का ‘ट्रेंड’ बना वजह
कुरूद एसडीओपी रागिनी तिवारी के मुताबिक, मनोचिकित्सक से काउंसलिंग कराने पर पता चला कि यह किसी सोशल मीडिया चैलेंज या फैशन की तरह शुरू हुआ। पहले एक बच्चे ने हाथ काटा और फिर सहपाठियों ने उसकी देखा-देखी इसे एक ‘ट्रेंड’ बना लिया। गनीमत यह रही कि यह मामला 20-25 दिन पुराना होने के कारण बच्चों के घाव भर चुके हैं।
प्रशासन की सख्त हिदायत
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर और एसपी ने टीम गठित कर जांच पूरी की है। शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों को विशेष एहतियात बरतने और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।