मरकाटोला में हादसों का सबब बना 32 साल पुराना एनीकट: ग्रामीण कर रहे बड़े पुल की मांग, फाइलों में दबी मरम्मत की योजना

चारामा : विकास खंड के ग्राम मरकाटोला के बीचों बीच गुजरी लाइनकसा नदी पर बना 32 वर्ष पुराना एनीकट पुल जीर्णोद्धार की बाँट जोह रहा हैं, एनीकट पर बने पुल को बड़ा पुल करने मांग लगातार ग्रामीणों द्वारा शासन प्रशासन से किया जा रहा है, बढ़ते वाहनों के अवगमन और कई बार हुई दुर्घटनाओ के चलते ग्रामीण हर सट्टा धारी पार्टी से पुल को बड़ा करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की वर्षो की मांग अभी तक पूर्ण नहीं हो पाने के कारण लगातार पुल पर हादसे बढ़ रहे हैं।वर्ष 1994 में ग्राम के बीचों बीच गुजरी यह नदी ग चारामा से ग्राम चावड़ी एवं अन्य ग्रामो को मारकाटोला और मायाना और आगे के गांव से जोड़ने के लिए नदी के ऊपर एनीकट का निर्माण किया गया था, 32 साल में ग्राम और सडक का विस्तार हो चूका हैं, और एनीकट वाहनों के दवाब में जर्जर। इसके अलावा एनीकट की चौड़ाई काम होने के करना चार और अधिक पहिया वाहनो को इस मार्ग से गुजरने में दिक्कतो का सामना करना पड़ता हैं. समय अनुसार सड़के चौड़ी और उची हो चुकी हैं. लेकिन एनीकट की दशा वैसी की वैसी हैं. और समय अनुसार एनीकट की मजबूती बी धीरे धीरे कमजोर होती जा रही हैं, पूर्व सरपंच चंद्र कुमार कांगे के द्वारा एनीकट के जीर्णोद्धार हेतु 2023 में उस समय की सरकार को आवेदन दिया गया था,जिस पर सरकार ने एनीकट की बजाय पुल निर्माण के आदेश दिए थे और विभागीय प्रक्रिया जारी हुई थी, लेकिन विभागीय प्रक्रिया कहां रुक गई यह समझ से परे है। इसके बाद ग्राम के प्रमुख रामऊ पटेल के द्वारा ग्रामीणों के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री अरुण साव को 2024 में ग्राम पुरी में आयोजित एक कार्यक्रम के तहत एनीकट के जीर्णोद्धार हेतु आवेदन दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों की उस मांग पर उप मुख्यमंत्री द्वारा आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया। क्योंकि लगातार उसे एनीकट पर हादसे बढ़ रहे हैं, ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द एनीकतट के जीर्णोद्धार की मांग की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बड़ी और अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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