सरायपाली सरसीवां मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नयन की स्वीकृति पर 3 महिला जनप्रतिनिधियों ने ठोका दावा

◾ 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति पर मची श्रेय लेने की होड़ ◾दिलीप गुप्ता जनधारा समाचारसरायपाली। सरायपाली से सरसीवां मार्ग क्षेत्र के लिए व्यवसायिक व यातायात दृष्टिकोड को देखते हुवे क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सड़क है । यह मार्ग सीधे बिहार , झारखंड व उत्तरप्रदेश को जोड़ता है । किंतु वर्षों तक इस मार्ग का चौड़ीकरण , उन्नयन व संधारण नहीं होने के कारण इस मार्ग की स्थिति बहुत ही जीर्ण शीर्ण हो गई है । 40 किलोमीटर के इस मार्ग के लिए 2 घंटे तक तकलीफ दायक यात्रा पूरी करनी पड़ती है ।

इस मार्ग के मरम्मत के लिए अनेकों बार धरना प्रदर्शन भी ग्रामीणों द्वारा किया गया है । विभिन्न नेताओं , मंत्रियों व विभागीय अधिकारियों के समक्ष भी अनेकों बार गुहार लगाए जाने के बाद अब जाकर इस मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नयन के लिए लगभग 25 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग मंत्रालय से जारी कर दी गई है । इस बीच क्षेत्र के सांसद , विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा हमारे प्रयास से प्रशासकीय स्वीकृति मिलने का दावा किया जा रहा है व श्रेय लेने की होड़ भी लग गई है । सोशल मीडिया व अखबारों में तीनों महिला नेत्रियों द्वारा अपनी सफलता की बात कही जा रही है ।

एक पुरानी कहावत है एक अनार सौ बीमार कुछ इसी तरह की कहावत सरायपाली की राजनीति में भी प्रवेश कर चुकी है। एक ही सड़क स्वीकृति के लिए कांग्रेस के विधायक व भाजपा के सांसद व जिला पंचायत अध्यक्ष की तरफ से प्रशासकीय स्वीकृति के पत्र जारी किए जाने के बाद यह स्थिति निर्मित हो गई है कि आखिर स्वीकृति किसने दिलाई? इस पर चर्चाएं भी जोरों पर है। सभी अपने अपने दावे कर रहे हैं ।जब भी किसी एक जनप्रतिनिधि द्वारा किसी निर्माण व विकास कार्य स्वीकृत कराए जाने का समाचार प्रकाशित होता है तो अन्य पदाधिकारियों की तत्काल विरोध में प्रतिक्रिया आ जाती है कि यह हमारे द्वारा व हमारी सरकार द्वारा स्वीकृत कराया गया है फिर शुरू होता है

आरोप प्रत्यारोप का दौर व श्रेय लेने की होड़ ।कुछ इसी तरह का प्रकरण फिर आज सामने आया है। जिसमें सरायपाली से सरसीवां मार्ग हेतु लगभग 24 करोड़ 48 लाख 33 हजार रुपए की स्वीकृति को अपनी सफलता दिखाने सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहा है । कांग्रेस विधायक चातुरी नन्द द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि इस मार्ग के 235 से 239 तथा 246 से 256/6 तक कुल 16 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नयन किए जाने हेतु वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र क्रमांक 769/SPL/2025-2056 दिनांक 26/3/2026 को पत्र लिखकर 2024-25 के बजट में शामिल सड़क की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्त विभाग को प्रेषित किया गया था किंतु अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया जिसके कारण अनेकों बार आंदोलन भी किया गया था

जनहित व आक्रोश को देखते हुवे इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने की मांग पर यह स्वीकृति प्रदान की गई ।इसी तरह का एक पत्र महासमुंद जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल द्वारा भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र क्रमांक 0 दिनांक 20/2/2026 को प्रेषित किया गया था । वहीं महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी द्वारा वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र क्रमांक MP/ MSD/ 368/2025-2026 दिनांक 14/1/26 को पत्र लिखकर बजट में शामिल उक्त मार्ग को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किए जाने की मांग की गई थी ।

इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता को पत्र क्रमांक फाइनेंस /36/743/2026/ENIK PWD SECTION/T 2dinank 30/3/2026 को जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि विगत 2024-2025 के बजट में शामिल पदमपुर सरायपाली सरसीवां (राज्य मार्ग क्रमांक 16 ) के 233 से 256 /6 तक कुल 20.10 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नायीकरण सड़क निर्माण हेतु 2448.33 लाख रुपए की राशि को स्वीकृति प्रदान करता है । ज्ञातव हो कि स्थानीय लोक निर्माण विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व ही 22 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया था । लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा इस मार्ग के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद अब आम जनता में यह भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है कि आखिर यह साढ़े 24 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति किसके मांग व अनुशंसा पर की गई ? दोनों राजनैतिक दलों के नेता अपने अपने दावे पर अडिग हैं व सोशल मीडिया में श्रेय लेने के दावे ट्रोल हो रहे हैं ।

अपने अपने समर्थक अपने नेता के पक्ष में दावे कर रहे हैं । इस प्रकरण में सबसे खासियत बात यह है कि तीनों नेताओं द्वारा जारी पत्र में एक ही सड़क , एक ही दूरी (सड़क क्रमांक )व एक ही राशि का उल्लेख किया गया है यह महज एक संयोग है या कार्यालय से ली गई जानकारी का प्रयोग ।कुछ भी हो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को आपसी सहयोग बनाकर राजनीति व व्यक्तिगत विचारधारा से ऊपर उठकर आमजनता के हित में कार्य करना चाहिए। इस तरह श्रेय लेने या झूठा श्रेय लेना कतई उचित नहीं कहा जा सकता । इस तरह आरोप प्रत्यारोप की जगह जनता को सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराया जाए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचे, लोग कैसे लाभान्वित हों पर प्रयास करना चाहिए। इस तरह के आरोप प्रत्यारोप से जनप्रतिनिधियों के स्वयं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।

विदित हो कि इस सड़क के निर्माण के लिए क्षेत्र के अनेक ग्रामों व खासकर सागरपाली के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा वर्षों से संघर्ष किया गया है जिसका विधायक चातुरी नंद द्वारा हमेशा ग्रामीणों के आंदोलन से जुड़ी रही । सुखद यह है कि सभी के सामूहिक प्रयासों से अब प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद सड़क मजबूत निर्माण कार्यों ओर ध्यान देना चाहिए।

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