बहरागोड़ा। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया है। रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की बम निरोधक टीम ने इस जोखिम भरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक श्रेणी का था, जिससे एक बड़े इलाके को नुकसान पहुंच सकता था। सेना ने मंगलवार को पूरे दिन स्थिति का बारीकी से अध्ययन करने के बाद बुधवार को इस ऑपरेशन को पूरा किया। बम को डिफ्यूज करने के लिए जमीन के अंदर 10 फीट गहरा विशेष गड्ढा बनाया गया था और इसे बालू की बोरियों के मजबूत घेरे से सुरक्षित किया गया था, ताकि विस्फोट का असर सीमित रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया था और आसपास के गांवों को खाली करा लिया गया था। इस दौरान सुरक्षा कारणों से नजदीकी कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों की उड़ानों पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी।
जैसे ही सेना ने सुरक्षित तरीके से बम को डिफ्यूज किया, ग्रामीणों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज जैसे अनुभवी जवान शामिल रहे। सेना की इस त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया है।