महल बांध में 131 अतिक्रमणकारियों ने 3,58,336 वर्गफिट पर किया कब्जा

अतिक्रमण हटाने सिंचाई विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को 15 बार लिखा गया पत्र पर कार्यवाही शून्य ◾
◾ नगरपालिका द्वारा सीपेज ड्रोन तोड़कर व स्लूज गेट में स्वयं किया अतिक्रमण ◾
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= सरायपाली नगर के एक मात्र महल बांध पर सैकड़ों अतिक्रमणकारियों द्वारा भारी संख्या में अतिक्रमण कर पक्के मकान निर्मित कर दिए जाने से बांध की जल ग्रहण क्षमता जहां काफी सीमित हो गई है तो वहीं अभी भी बांध में अतिक्रमण का सिलसिला रुका नहीं है । सबसे आश्चर्यजनक व चिंतनीय पक्ष यह है कि विगत सन 2016 को जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बांध का निर्माण 50.03 एकड़ में सन 1962 में 2 लाख रुपए की लागत से किया गया था वहीं बांध का कैचमेंट एरिया 318 एकड़ था । इस बीच 2016 को दी गई विभागीय जानकारी के अनुसार 131 लोगो द्वारा 3,58,336 वर्गफिट जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है ।

इसके बाद विगत 10 वर्षों के लम्बे कार्यकाल में और लोगों द्वारा सैकड़ों वर्गफिट भूमि पर कब्जा कर लिया गया होगा । जल संसाधन विभाग द्वारा 12/1/1987 से लेकर 31/5/2014 तक इन 27 वर्षों के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार , नगरपालिका व विद्युत विभाग को 15 बार पत्र लिखकर अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने हेतु लिखा गया है ।

किंतु इसके बावजूद अतिक्रमण हटाए जाने के स्थान पर उन्हें संरक्षण व सरकारी सुविधाएं नगरपालिका व विद्युत विभाग द्वारा दी जाती रही । इससे अतिक्रमण कारियों को डर व भय के स्थान पर हौसले बढ़ते गए और आज अतिक्रमण कारियों की संख्या 200 से ऊपर हो गई होगी । अतिक्रमण से लगातार बांध का कैचमेंट एरिया कम होते जा रहा है तो वहीं अतिक्रमण कारियों वी मकानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


सूचना के अधिकार के तहत इस संवाददाता द्वारा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार समय समय पर इन कब्जाधारियों को विभाग की तरफ से नोटिस दिया गया है किंतु इसका प्रभाव किसी भी अतिक्रमण कारियों पर नहीं पड़ा । 131 अतिक्रमणकारियों की सूची को देखने पर भारी आश्चर्य तब होता है जब कुछ लोगों द्वारा हजार पांच सौ वर्गफिट नहीं बल्कि 11व 12 हजार वर्गफिट तक कब्जा किया गया है । जिसमें 10000 वर्गफिट से ऊपर कब्जा करने वालो 2, 8000 वर्गफिट से अधिक कब्जा करने वाली में 1, 5000 से अधिक कब्जा करने वालो में 9, 4000से अधिक कब्जा करने वालो में 10, 3000 से अधिक कब्जा करने वाली में 22 तथा 30001 वर्गफिट से कम कब्जा करने वालो 87 अतिक्रमण कारियों ने कुल 3,58,336 वर्गफिट कब्जा किया हुआ है ।

जिनमें अलग अलग व्यक्तियों द्वारा 11760, 10350, 8400, 6644, 6762 , 6400, 5700 , 5550 , 5329, 5200, 5005, 4983, 4875 , 4818 , 4773, 4697 , 4624 , 4505, 4500, 4264 तथा 4400 वर्गफिट जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है ।
बांध व कैचमेंट एरिया में अतिक्रमणकारियों द्वारा इतनी लंबी चौड़ी जमीनों को कब्जा कर लेना और विभाग व प्रशासन इस पर लंबे समय से नोटिस के ऊपर नोटिस दिए जाने के बाद भी संज्ञान नहीं लेना यह विभाग व प्रशासन की कार्यक्षमता व कार्यशैली की ओर इंगित करता है ।


इस संबंध में जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एसडीओ जलसंसाधन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को 3 बार क्रमशः18/6/2009, 2/8/2013 व 31/5/14 ,जल संसाधन विभाग विभाग द्वारा तहसीलदार सरायपाली को 4 बार क्रमशः 12/1/1987 , 28/2/1987 , 28/7/87 तथा 14/9/2011 को , जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी सरायपाली को 4 बार क्रमशः 18/6/2009 ,6/3/2012 , 8/2/2013 व 3/9/2013 को , जल संसाधन विभाग द्वारा विद्युत अधिकारी को 18/6/2009 को तथा जल संसाधन विभाग द्वारा आरक्षी केंद्र को 16/4/2013 को लगातार पत्र लिखकर जलाशय के अंदर किए जा रहे भवन निर्माण व अन्य अतिक्रमण को रोकने व हटाए जाने हेतु पत्र लिखा गया । इसी तरह नगरपालिका को पत्र लिखकर कहा गया कि आपके द्वारा सीपेज ड्रेन क्षेत्र में बने घेरा को तोड़कर बगैर विभागीय अनुमति के अतिक्रमण के निर्माण किया जा रहा है उसे बंद करें । इसी तरह नगरपालिका द्वारा बांध के नीचे उलट में स्लूज गेट के पास भवन निर्माण किया जा रहा है इसे विभाग द्वारा बांध की सुरक्षा के लिए सुरक्षित रखा गया है कार्य रोके जाने का निर्देश भी दिया गया । पर इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो सकी ।


इसी के साथ ही नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण कारियों को सड़क , नाली, बिजली , पानी , सीसी रोड , व शासकीय योजनाओं की सुविधाएं दिए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुवे आपके द्वारा अतिक्रमणकारियों को एक ओर सुविधाएं देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण किए जाने हेतु बढ़ावा दिया जा रहा है । इसी तरह विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को पत्र लिखकर कहा है महल जलाशय व उससे लगे कैचमेंट एरिया जल संसाधन विभाग के मालिकाना हक में है और आपके द्वारा विभाग के बगैर अनुमति व सहमति के अवैध रूप से भवनों व मकानों को आपके विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन दिया जा रहा है जो गैरजरूरी व वैधानिक कानून के विरुद्ध है । इसके साथ ही भविष्य में विभाग के बगैर अनुमति व सहमति के विद्युत कनेशन न दे साथ ही दिए गए कनेक्शनों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से दिए गए कनेक्शनों को विच्छेद करें ।
जल संसाधन विभाग द्वारा महल जलाशय के साथ ही कैचमेंट एरिया में लगातार हो रहे अतिक्रमण व भवन निर्माणों को बांध की सुरक्षा व जल ग्रहण क्षमता को बनाए रखे जाने हेतु लगातार पत्र सभी को दिया गया किन्तु किसी भी संबंधित अधिकारियों द्वारा जलाशय को बचाने व अतिक्रमणकारियों से सुरक्षित बचाने की कोई भी कर्यवाही नहीं की गई ।
लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण से जलाशय का आकार निरंतर छोटा होता जा रहा है तो वहीं कैचमेंट एरिया भी अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो रहा है इसके चलते जलाशय में पूर्व की भांति पानी भर व रुक नहीं पा रहा है । इससे जिन किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाना था वह लगभग बंद हो गया है तो वहीं पानी के अभाव में नगर का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है जिससे नगर में पेयजल की समस्या लगातार बनी हुई है ।
इस संबंध में कुछ जनप्रतिनिधियों व संगठनों ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री व जल संसाधन मंत्री से मुलाकात कर जलाशय को बचाने हेतु ज्ञापनवसौपा जायेगा ।

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