महासमुंद में अंधे कत्ल का खुलासा: शराबी बेटे की प्रताड़ना से तंग आकर पिता और भाई ने की थी हत्या

महासमुंद।

महासमुंद जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। लभराखुर्द गांव के एक कुएं में मिले अज्ञात शव की पहचान के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पिता और नाबालिग भाई ने ही मिलकर की थी। आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में भरकर और पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया था।

कुएं में बोरी में बंद मिला था शव

घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 9 अप्रैल को ग्राम लभराखुर्द में यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म के पास स्थित एक कुएं में प्लास्टिक की बोरी में भरा हुआ एक युवक का शव तैरता मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए। गांव के सरपंच और कोटवार से मिली जानकारी के आधार पर मृतक की पहचान सत्यनारायण ध्रुव (27 वर्ष) के रूप में हुई।

पारिवारिक विवाद और मारपीट बनी हत्या की वजह

संदेह के आधार पर जब पुलिस ने मृतक के परिजनों से पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आ गई। परिजनों ने बताया कि सत्यनारायण शराब पीने का आदी था और आए दिन माता-पिता व भाई के साथ मारपीट करता था। 6 मार्च को जब सत्यनारायण अपनी मां के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर रहा था, तब बीच-बचाव करने आए उसके छोटे नाबालिग भाई ने गुस्से में आकर घर में रखे पत्थर के सिल से उस पर वार कर दिया, जिससे सत्यनारायण की मौके पर ही मौत हो गई।

साक्ष्य छिपाने के आरोप में पिता गिरफ्तार

हत्या के बाद नाबालिग ने घर में बिखरा खून साफ किया। जब पिता महेश ध्रुव घर लौटे और उन्हें घटना का पता चला, तो उन्होंने अपराध को छिपाने के लिए बेटे की मदद की। दोनों ने मिलकर शव को बोरी में भरा और पत्थर बांधकर जंगल के पास स्थित एनीकट के कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने पिता महेश ध्रुव को साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, वहीं नाबालिग भाई को बाल न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की गई है।

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