इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पूरे देश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ता इमरान खान को जेल से अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग को लेकर इस्लामाबाद, कराची, स्वाबी और अटॉक जैसे बड़े शहरों में सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर टायर जलाकर मार्ग अवरुद्ध किए और सरकार व सैन्य नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।
खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर भी इस्लामाबाद में जारी अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद को जोड़ने वाले प्रमुख पुलों और मार्गों को बंद कर दिया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
गंभीर आंखों की बीमारी से जूझ रहे हैं खान
सूत्रों और पार्टी वकीलों के अनुसार, इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि जेल में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) का सही समय पर इलाज न होने के कारण यह समस्या बढ़ी है। जांच में सामने आया है कि उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नामक गंभीर बीमारी हुई है, जिसके कारण उन्हें धुंधला दिखाई दे रहा है और आंख से लगातार पानी गिर रहा है।
देरी से इलाज मिलने पर उठे सवाल
विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद इमरान खान को अस्पताल ले जाने में देरी हुई। हाल ही में उन्हें पाकिस्तान चिकित्सा विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां आंख में विशेष इंजेक्शन लगाने के बाद दोबारा जेल भेज दिया गया। जनवरी में जब उन्हें दिखना लगभग बंद हो गया, तब जेल में आधुनिक उपकरण मंगाकर उनकी जांच की गई। चिकित्सकों ने संक्रमण का खतरा जताते हुए साफ-सफाई की सलाह दी थी, लेकिन उन्हें जेल की कोठरी में ही रखा गया।
अदालत का कड़ा रुख
सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अब सरकार ने रावलपिंडी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक नई टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू की है। अदालत ने सरकार को आदेश दिया है कि वह तय समय सीमा के भीतर इमरान खान का उचित इलाज सुनिश्चित करे। पीटीआई के वकील सलमान सफदर ने खान से मुलाकात के बाद उनकी स्थिति को चिंताजनक बताया है।