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Whose turn after Azad : आजाद के बाद किसकी बारी?

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Whose turn after Azad : आजाद के बाद किसकी बारी?

Whose turn after Azad : आजाद के बाद किसकी बारी?

Whose turn after Azad :
Whose turn after Azad : आजाद के बाद किसकी बारी?

Whose turn after Azad : कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोडऩे का धारावाहिक चालू है। ‘कांग्रेस छोड़े, राहुल पर हमला करो’ नाम के सीरियल का एक निश्चित अंतराल पर नया सीजन आता रहता है। अभी गुलाम नबी आजाद का सीजन चल रहा है।

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  उन्होंने कांग्रेस छोड़ी और यह नहीं किया कि पांच दशक तक परिवार की कृपा से सत्ता की मलाई खाते रहे हैं तो चुपचाप पार्टी छोड़ दें। नए मास्टर की कृपा के लिए उन्होंने राहुल गांधी पर जम कर हमला किया। अभी कांग्रेस की धारावाहिक का यह सीजन थोड़े दिन चलेगा। सवाल है कि उसके बाद क्या? अगला सीजन किसका होगा?

  आजाद से पहले पंजाब के सुनील जाखड़ का सीजन था और उससे पहले कैप्टेन अमरिंदर सिंह का था। अश्विनी कुमार ने भी पार्टी छोड़ी थी लेकिन उनकी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं थी तो वह सीजन ज्यादा चला नहीं।

इसी तरह आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोडऩे का सीजन भी ज्यादा नहीं चला क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना नहीं साधा। उससे पहले सबसे हिट सीजन ज्योतिरादित्य सिंधिया का था।

उन्होंने कांग्रेस छोड़ी तो पार्टी की विधिवत चुनी गई पूर्ण बहुमत की सरकार गिरा दी थी। बीच में एक-एक एपिसोड वाले कई सीजन आए गए।

Whose turn after Azad :  अब सवाल है कि अगली बारी किसकी है? क्या आनंद शर्मा कांग्रेस छोड़ेंगे? गुलाम नबी आजाद की तर्ज पर उन्होंने भी अपने गृह राज्य में चुनाव के लिए बनी संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। दोनों में समानता यह है कि दोनों को राज्यसभा नहीं मिली है।

दोनों नेता दशकों से नेहरू-गांधी परिवार की कृपा से राज्यसभा सदस्य बनते रहे थे। इस बार कृपा नहीं हुई है तो दोनों कुपित हैं। आजाद ने पार्टी छोड़ दी है और हो सकता है कि नवंबर में होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आनंद शर्मा भी पाला बदलें।

Whose turn after Azad :  कांग्रेस में संगठन चुनावों की मांग लेकर चि_ी लिखने वाले नेता अब नेतृत्वविहीन हो गए हैं। आजाद उनके नेता थे। तभी सवाल है कि उनमें जो बचे हैं वे क्या करेंगे? कुछ नेताओं का तो पार्टी ने पुनर्वास करा दिया है।

Whose turn after Azad :
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हरियाणा की कमान मिल गई है और मुकुल वासनिक को राज्यसभा मिल गई है। सो, इनकी शिकायतें दूर हो गई हैं। अब सबकी नजर मनीष तिवारी पर है। वे पार्टी के कामकाज की बहुत शिकायत करते रहे हैं। शशि थरूर भी पार्टी से अपनी नाराजगी कई बार जाहिर कर चुके हैं।

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Whose turn after Azad : सचिन पायलट का इंतजार भी लंबा होता जा रहा है। वे एक बार पहले बगावत कर चुके हैं। बहरहाल, आजाद के इस्तीफे के बाद अश्विनी कुमार ने कहा कि अभी कई और नेता पार्टी छोड़ेंगे। सो, अब इंतजार हो रहा है कि अगला सीजन किसका आता है। कोई धमाकेदार सीजन आता है या इक्का-दुक्का एपिसोड का सीजन आता है?

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