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Pensioners Federation महंगाई सबके लिये एक समान तो भत्ता देने में पक्षपात क्यों

Chhattisgarh NewsPensioners Federation महंगाई सबके लिये एक समान तो भत्ता देने में पक्षपात क्यों

Pensioners Federation महंगाई सबके लिये एक समान तो भत्ता देने में पक्षपात क्यों

Pensioners Federation पेंशनर फेडरेशन ने मुख्यसचिव से मिलने का समय मांगा

Pensioners Federation रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री तथा छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया है कि राज्य सरकार के कोष से प्रदेश में सेवा दे रहे अखिल भारतीय सेवाओं क्रमश: आईएएस, आईपीएस,आईएफएस,आईआरएस आदि के अफसरों को केन्द्र द्वारा देय तिथि से छत्तीसगढ़ राज्य के कोष से 31त्न प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान क्यों किया जा रहा है ?

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जबकि राज्य सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों केन्द्र से देय तिथि से न देकर एरियर राशि को हजम करते हुये 28 प्रतिशत और बुजुर्ग पेंशनरों को राज्य सरकार केवल 22त्नप्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है।ऐसा पक्षपात क्यों ? इस तरह प्रति माह लाखों में वेतन -भत्ता लेने वाले अनेक सुविधाओं से लैस अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को इस प्रदेश में सबसे अधिक महंगाई भत्ता का भुगतान करना राज्य सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पेंशनरों व परिवार पेंशनरों के साथ घोर अन्याय है।

जारी विज्ञप्ति में पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया है कि पेंशनरों केन्द्र के समान महंगाई राहत देने में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6)के कारण मध्यप्रदेश की सहमति बाध्यता सम्बन्धी झूठ का पर्दाफाश करने मुख्यसचिव अमिताभ जैन से समय मांगा है। क्योकि गत 22 वर्षो से सहमति की हौवा खड़ा करके दोनों सरकारें पेंशनधारी कर्मचारियों के साथ अन्याय करते आ रही है जबकि भारत सरकार ने करीब 5 वर्ष पहले ही 13 नवम्बर 17 को पत्र जारी कर इस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

ज्ञात हो कि यदि प्रत्येक पेन्शनर को 100 रुपये देना ही तो दोनों राज्यों के कुल 6 लाख पेंशनर को मध्यप्रदेश से 74त्नऔर इन्ही सभी पेंशनरों को 26त्न छत्तीसगढ़ सरकार के खजाने से बजट देने होते हैं। हिसाब लगाने पर इसमें मध्यप्रदेश को 4 करोड़ 44 लाख व्यय करना पड़ेगा और छत्तीसगढ़ सरकार को 1करोड़ 56 लाख व्यय होगा।परन्तु यदि मध्यप्रदेश अपने 5 लाख पेंशनर को 100 त्न भुगतान करता है उसे 5 करोड़ और छत्तीसगढ़ सरकार अपने 1 लाख पेंशनरों के केवल 1 करोड़ खर्च करने होंगे।

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इसतरह केवल 100 रुपये के भुगतान मे ही छत्तीसगढ़ शासन को 56 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार जानबूझकर 21साल से पेंशनरी दायित्व को टालते आ रही है और जानबूझकर धारा 49 को विलोपित करने में आनाकानी कर रही है इसीतरह से मध्यप्रदेश द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में डाका डाला जा रहा है और छत्तीसगढ़ सरकार के अफसर इससे अनभिज्ञ होने का नाटक करते हुये आपसी मिलीभगत कर छत्तीसगढ़ के खजाने से लूट कराने में सहभागी बने हुये है।

विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमश: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा,तथा छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर तथा गंगाप्रसाद साहू ,

डॉ व्ही व्ही भसीन,डॉ एस पी वैश्य,डॉ पी आर धृतलहरे, लोचन पांडेय,एस के चिलमवार,विद्या देवी साहू ,अनिल गोल्हानी,डी के त्रिपाठी,कृपा शंकर मिश्रा, मुरली मनोहर शर्मा, वीरेन्द्र नाग,आर बोहरे,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी,अनिल पाठक,जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला,बी डी उपाध्याय, के आर राजपूत,द्रोपदी यादव,किरण खरे,कुंती राणा,निकोदियस एक्का, सुजाता मुखर्जी,

तेरस पन्ना, उषा जायसवाल, आई टोप्पो,गीता दुबे,प्रेमलता तिग्गा, ललिता एक्का,सुनीता मिश्रा,एस के मसीह,नन्दलाल नायक,,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी, एम आर निषाद, सुहास लाम्बट,तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी,विनोद जैन,असीमा कुंडू , आशा वैष्णव, बीना स्वर्णकार, पी एस राजपूत, पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा,एल एन साहू,अशोक जैन,अरुण दुबे,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता,

अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी,अनिल शर्मा, सी एल दुबे,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,विजय शंकर दुबे,सुभाष गायकवाड़,प्रभुदयाल पटवा,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप,के के बंछोर,एस एस तिवारी, प्रकाश नामदेव, रामनरेश शर्मा,अनुपम जे मैथ्यू, शोभनाथ तिवारी,एस एन चौकसे, एस एस खुसरो आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पेंशनरों हित मे त्वरित निर्णय लेने तथा केंद्र के समान महंगाई भत्ता एरियर सहित भुगतान करने तुरन्त आदेश जारी करने की मांग की है।

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