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मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को 20 वर्ष का कठोर कारावास

मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को 20 वर्ष का कठोर कारावास

सक्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट  के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने  13 वर्ष की  मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध प्रमाणित पाए जाने पर  आरोपी को 20 वर्ष की कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है।
   विशेष लोक अभियोजक पोक्सो राकेश महंत के अनुसार यह  घटना जांजगीर-चांपा जिले के जय जयपुर थाना क्षेत्र की है। दिनांक  12 मार्च 2020 को रात्रि लगभग 11:00 बजे कक्षा सातवीं में पढऩे वाली 13 वर्ष की मासूम बालिका टीवी देखने के पश्चात लघुशंका के लिए घर के आंगन मे निकली थी तभी अभियुक्त राजकुमार जांगड़े वहां आकर मासूम बालिका के मुंह को दबाकर उसके हाथ को खींचते हुए वही चबूतरा में ले जाकर जबरदस्ती उसके साथ बलात्कार किया तथा घटना को किसी अन्य को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया दूसरे दिन मासूम  बालिका ने घटना को अपनी चचेरी बहन को बताई तब उसकी चचेरी बहन ने मासूम बालिका की मां को घटना को फोन करके  बताइ घटना के समय मासूम बालिका की माता पिता कमाने  खाने गोरखपुर उत्तर प्रदेश गए हुए थे मासूम बालिका के माता ने उसकी दादी को बताइ उसके पश्चात उसकी दादी ने आकर मासूम बालिका को अपने साथ ले गई घटना को मासूम बालिका ने अपने दादी को विस्तार से बताएं तथा उसके पिता के आने पर उसे भी घटना के बारे में बताइ और घटना की रिपोर्ट मासूम बालिका द्वारा थाना जैजैपुर में दर्ज कराई गई पुलिस थाना जैजैपुर द्वारा अभियुक्त के खिलाफ धारा 376 एक 506 भाग 2 भारतीय दंड संहिता एवं लेकिन लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया तथा विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया था  अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपित अपराध प्रमाणित किए जाने पर तथा विशेष न्यायालय  द्वारा संपूर्ण विचारण उपरांत विशेष न्यायाधीश एफटीएससी पॉक्सो शक्ति यशवंत कुमार सारथी द्वारा अभियुक्त के खिलाफ आरोपित अपराध दोष सिद्ध पाए  जाने पर  अभियुक्त राजकुमार जांगड़े पिता नहर लाल जांगड़े उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम सलनी थाना जय जयपुर जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 के तहत 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं  ?10000 की अर्थदंड एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 506 भाग 2 के अपराध के लिए 1 वर्ष की सश्रम कारावास   तथा अर्थदंड की राशि न्यायालय में जमा नहीं करने पर 6  माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा अभियुक्त को दिया गया है सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। छत्तीसगढ़ राज्य शासन अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो  राकेश महंत ने किया।