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दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ और हिंदू मंदिरों पर हमले, PM हसीना की कड़ी चेतावनी

दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ और हिंदू मंदिरों पर हमले, PM हसीना की कड़ी  चेतावनी

बांग्लादेश के चांदीपुर के हाजीगंज उपजिला में बुधवार को दुर्गा पूजा समारोह के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 60 लोग घायल हो गए. 

बांग्लादेश के  कोमिल्ला जिले में दुर्गा पूजा समारोह के दौरान पंडालों में हुई तोड़फोड़ और हिंदू मंदिरों पर हमले की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कड़ी निंदा की. शेख हसीना ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी इस हमले में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा चाहे वो किसी भी धर्म के हों. 

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ढाका में ढाकेश्वरी नेशनल टेंपल में हुए कार्यक्रम में शामिल हुईं. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, कोमिल्ला जिले में हुई घटना की जांच की जा रही है. हिंदू मंदिरों में और दुर्गा पूजा के पंडालों में जिसने भी हमला किया है। 

शेख हसीना ने लोगों से भी अपील की कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ उन्हें चौकन्ना रहना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश में लोग जात-पात और धर्म से ऊपर बढ़कर सभी त्योहारों को एक साथ मनाते हैं. धर्म किसी भी इंसान के लिए पर्सनल होता है लेकिन त्योहार समुदाय और लोगों के साथ मनाने के लिए होते हैं.  

बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के लोगों ने भी पंडालों पर हमले के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने अपनी चिंता जाहिर की. बांग्लादेश पूजा सेलिब्रेशन काउंसिल के अध्यक्ष मिलन कान्ति दत्त ने कहा कि पूजा पंडाल में हुई हिंसा की वजह देश भर के हिंदुओं में असुरक्षा की भावना घर कर गई है. 

इस मामले में बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने भी ट्वीट किया. काउंसिल ने ट्वीट में कहा, '13 अक्टूबर 2021, बांग्लादेश के इतिहास में एक निंदनीय दिन था. अष्टमी के दिन मूर्ति विसर्जन के मौके पर कई पूजा मंडपों में तोड़फोड़ की गई. हिंदू अब पूजा मंडपों की रखवाली कर रहे हैं. आज पूरी दुनिया चुप है. मां दुर्गा अपना आशीर्वाद दुनिया के सभी हिंदुओं पर बनाए रखें.'

. शेख हसीना ने कहा कि हिंदुओं ने भी 1971 के युद्ध में कंधे से कंधे मिलाकर लड़ाई लड़ी है और उन्हें भी बाकी धर्मों के लोगों की तरह ही अधिकार हासिल हैं.रिपोर्ट्स के अनुसार, एक फेसबुक पोस्ट में कुरान के कथित अपमान के कारण हिंसा भड़की थी और इसके बाद कई दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ हुई.