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अस्पतालों में भगदड़ से चरमरा जायेगी स्वास्थ्य व्यवस्था : डेल्टा वेरिएंट से अधिक फैल रहा है ओमिक्रॉन: डॉ पुरोहित

अस्पतालों में भगदड़ से चरमरा जायेगी स्वास्थ्य व्यवस्था : डेल्टा वेरिएंट से अधिक फैल रहा है ओमिक्रॉन: डॉ पुरोहित

तिरुवनंतपुरम। राष्ट्रीय एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के प्रमुख जांच अधिकारी डॉ पुरोहित ने शुक्रवार को कहा कि केरल में तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए कोविड मरीजों का इलाज बेहद विवेकपूर्ण तरीके से किये जाने की आवश्यकता है।

वायनाड में डीएम वायनाड मेडिकल विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित “ स्वास्थ्य सेवाओं पर ओमिक्रॉन के प्रभाव” विषय पर आधारित वेबीनार को संबोधित करते हुए डॉ पुरोहित ने कहा कि ओमिक्रॉन, डेल्टा वेरिएंट से काफी अधिक संक्रामक लेकिन थोड़ा कम प्रभावकारी है । इंसानों में सबसे तेजी से संक्रमण फैलाने वाले विषाणुओं में से एक ओमिक्रॉन है।

संक्रमण प्रसार की गति की अगर बात की जाएं तो यह खसरे के विषाणु के समान ही बहुत तेज गति से प्रसारित होता है। पिछले 10 दिनों में कोविड संक्रमण के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है और आगामी हफ्ते कोविड संक्रमण से बचे हुए लोगों के लिए बहुत खराब हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के चरमोत्कर्ष पर 20 लाख से अधिक लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। अधिकतर हल्के लक्षणों वाले कोविड संक्रमितों को इलाज दूर रहकर ही किया जा सकता है अगर यह सभी लोग घबराहट में अस्पतालों की ओर भागेंगे तो स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जायेगी। केवल वहीं मरीज जिनको अतिरिक्त चिकित्सीय मदद की दरकार है उन्हीं को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस बार भी संकमण काफी तेजी से बढ़ रहा है लेकिन दूसरी लहर की तरह इस बार मरीजों को आईसीयू में भर्ती करने, ऑक्सीजन देने और इसकी पूर्ति न होने से मृत्यु होने जैसी स्थितियां नहीं दिखायी दे रहीं हैं लेकिन कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण दूर दराज के इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़े दबाव के चलते दूसरे मरीजों के इ इलाज पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

वेबीनार में विशेषज्ञों ने कहा कि अभी स्थिति उतनी खराब नहीं दिख रही है जैसे की दूसरी लहर के समय हुआ था लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना चाहिए।

उन्होंनें बताया कि संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन पूरी तरह प्रभाव दिखायेंगी और संक्रमण के प्रसार,मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने और संक्रमण से होने वाले मौतों की दर नियंत्रित रहेगी। इस कारण उन्होंने सभी से वैक्सीन लेने और साथ ही बूस्टर डोज भी लेने की बात कही।