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BREAKING महामारी की तीसरी लहर से जूझ रहा भारत, यूपी, दिल्ली समेत 8 राज्य बनें चिंता की वजह

BREAKING महामारी की तीसरी लहर से जूझ रहा भारत, यूपी, दिल्ली समेत 8 राज्य बनें चिंता की वजह

नई दिल्ली । कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से भारत महामारी की तीसरी लहर से जूझ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल और गुजरात चिंता के उभरते हुए राज्य हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही है।

उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना मामलों में तेज उछाल देखेने को मिल रही है। 12 जनवरी को सक्रिय मामले 9,55,319 हैं। आपको बता दें कि यूरोप के आठ देशों में पिछले दो सप्ताह में 2 गुना से अधिक मामलों की वृद्धि दर्ज की गई है। लव अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

हालांकि, दक्षिण अफ्रीका, यूके, कनाडा, डेनमार्क जैसे देशों में डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन के मामले में अस्पतालों में भर्ती होने के जोखिम कम है। उन्होंने कहा कि नए वैरिएंट की वजह से दुनिया में अब तक 115 लोगों की मौत हुई है। भारत में एक मरीज की जान इससे गई है।लव अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र में 22.39 प्रतिशत की दर से पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में यह 32.18 प्रतिशत, दिल्ली में 23.1 प्रतिशत और यूपी 4.47 प्रतिशत है।

मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक रखने की सलाह

देश में जारी तीसरी कोरोना लहर के बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे मेडिकल ऑक्सीजन का कम से कम 48 घंटे का बफर स्टॉक रखें। इसके साथ ही ऑक्सीजन कंट्रोल रूम भी पुन: मजबूत करने को कहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि उभरते हालात को देखते हुए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मेडिकल ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाना चाहिए। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी मेडिकल ऑक्सीजन सेवाओं व सुविधाओं का आकलन करें। यह उपलब्ध कराने वाले निजी संस्थानों की क्षमताओं का भी आकलन किया जाना चाहिए।

पीक के समय मांग बढऩे पर आपूर्ति बढ़ाने की रणनीति भी तैयार की जाए। भूषण ने कहा कि अस्पतालों में एलएमओ टैंकों को पर्याप्त रूप से भरा जाना चाहिए और उनकी रिफिलिंग के लिए निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित की जानी चाहिए। देश भर में पीएसए संयंत्रों के साथ अस्पतालों को मजबूत किया गया है। इन संयंत्रों को पूरी तरह चालू रखना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा है कि सभी जिलों को अपने यहां स्थित अस्पतालों में जीवन रक्षक उपकरणों, जिनमें वेंटिलेटर, बाइपेप, एसपीओ2 सिस्टम शामिल हैं, उभरती जरूरतों के अनुसार उपलब्ध हों, यह भी सुनिश्चित करना चाहिए।